बुद्ध पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगायी गंगा में आस्था की डुबकी
पितृ शांति के लिए की पूजा
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर तीर्थ नगरी हरिद्वार में आस्था का सैलाब देखने को मिला। लाखों श्रद्धालुओं ने हरकी पैडी समेत गंगा के अन्य सभी घाटों पर आस्था की डुबकी लगायी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने दान देकर भी पुण्य कमाया। इस दौरान पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गए थे। पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी से निगरानी में रहा।
गंगा के घाटों पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा मैया के जयकारें गूंजने लगे थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, आस्था का सैलाब हर की पैड़ी की ओर उमड़ पड़ा। अन्य घाटों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। मान्यता है कि बैसाख की पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन गंगा स्नान के बाद दान पुण्य करने से पितृदोष से राहत मिलती है और जीवन में सुख, समृद्धि तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है। इस अवसर पर अनेक साधु-संतों, अखाड़ों और श्रद्धालु संगठनों ने धार्मिक अनुष्ठान, हवन, भजन-कीर्तन एवं गंगा आरती का आयोजन किया।
8 जोन 21 सेक्टर में बंटा था मेला क्षेत्र
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्नान पर्व के लिए व्यापक इंतजाम किए। भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर स्तर पर चौकसी बरती गई। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे मेला क्षेत्र को 8 जोन और 21 सेक्टर में बांटा गया था। पूरा मेला क्षेत्र सीसीटीवी की निगरान में था। नोडल अधिकारी एसपी सिटी पकंज गैरोला लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। घाटों पर जल पुलिस भी एक्टिव रही।
पितृ शांति के लिए की पूज
पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने पितृ शांति के लिए पूजा भी करायी। गंगा के घाटों के अलावा मायापुर स्थित नारायणी शिला मंदिर में पितृ शांति के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना करायी।