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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को यूक्रेन युद्ध में शांति का नया प्रस्ताव रखा है। विजय दिवस के समापन के बाद पुतिन ने कहा कि वह बिना किसी शर्त के तुर्किए की राजधानी इस्तांबुल में यूक्रेनी प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए तैयार हैं। यह बातचीत 15 मई को हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने कीव की आलोचना करते हुए कहा कि पश्चिमी देशों के कहने के बाद भी यूक्रेन बातचीत से पीछे हट गया था। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "रूस ने 2022 में वार्ता को नहीं तोड़ा था। फिर भी शांति के लिए हम प्रस्ताव दे रहे हैं कि बिना किसी शर्त के एक बार फिर हम कीव से सीधी बातचीत करने के लिए तैयार हैं।" रूसी नेता ने दावा किया कि मॉस्को बार-बार युद्धविराम की कोशिश कर रहा है लेकिन यूक्रेन की तरफ से उसके प्रस्तावों का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच में हुई बातचीत के बाद ही एक संयुक्त मसौदा दस्तावेज तैयार किया गया था, और तो और इसके ऊपर कीव के अधिकारियों के हस्ताक्षर भी थे। लेकिन बाद में पश्चिमी देशों के हस्ताक्षेप से यूक्रेन पलट गया। आपको बता दें कि नाजी जर्मनी के ऊपर अपनी जीत का 80वां वर्ष मना रहे रूस ने यूक्रेन युद्ध में 3 दिनों के लिए एकतरफा युद्ध का ऐलान किया था। यह युद्धविराम रविवार को समाप्त हो गया है। हालांकि इस दौरान यूक्रेन की तरफ से रूसी सेना के ऊपर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगाया गया। पुतिन ने रविवार को पलटवार करते हुए कहा कि हमारी तरफ से युद्ध विराम घोषित हो चुका था लेकिन यूक्रेन ने इसका सम्मान नहीं किया। तीन दिन के युद्ध विराम के दौरान यूक्रेनी सेना ने 5 जगहों पर रूसी सीमा पर हमला करने का प्रयास किया।
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मां की मौत की खबर सुनकर सोनप्रयाग से वापस लौट रहा था बेटा टैंपो ट्रैवलर खाई में गिरने से हुई मौत देहरादून : पथरी क्षेत्र की गुर्जर बस्ती में मां-बेटे की मौत से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बीमार मां की मौत की खबर सुनकर केदारनाथ से वापस लौट रहे बेटे का टैंपो ट्रैवलर फाटा के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टैंपो ट्रैवलर खाई में गिरने से उसकी मौत हो गई। अभी तक मां की मौत का गम मना रहे परिवार में बेटे की मौत की खबर मिलने से कोहराम मच गया। बेटे का शव आने के इंतजार में मां के शव को भी अभी सुपुर्दे खाक नहीं किया गया है। घर पर दुख जताने वालों का तांता लगा हुआ है। पथरी क्षेत्र के गुर्जर बस्ती निवासी दिलशाद पेशे से चालक था और टैंपो ट्रैवलर चलाता था। वह चारधाम यात्रियों को लेकर केदारनाथ गया हुआ था। काफी समय से बीमार चल रही उसकी मां वहीदा (70) की वीरवार को मौत हो गई। परिवार ने इसकी सूचना दिलशाद को दी। दिलशाद ने केदारनाथ के पहले पड़ाव पर यात्रियों को छोड़ा और वापस आ रहा था। इसी दौरान फाटा-गुप्तकाशी के बीच उसका टैंपो ट्रैवलर खाई में जा गिरा। हादसे में उसकी मौत हो गई। हादसे में दिलशाद की मौत की खबर मिलने पर परिवार में चीख पुकार मच गई। रिश्तेदारों ने बताया कि दिलशाद के चार बच्चे है। पूरे परिवार की जिम्मेदारी दिलशाद के कंधों पर थी। मां की मौत के साथ ही बेटे के दुनिया से चले जाने के बाद परिवार का सहारा ही छिन गया। गांव के साथ ही दुखद हादसे की खबर मिलने पर दूसरे गांवों से भी लोग संवेदना जताने के लिए गुर्जर बस्ती पहुंच रहे हैं। स्वजनों ने बताया कि बेटे के इंतजार में मां को सुपुर्दे खाक नहीं किया गया था। उसके आने की उम्मीद थी लेकिन अब उसका शव ही आएगा तो मां-बेटे को एक साथ सुपुर्दे खाक किया जाएगा।
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गंगोत्री जा रहा हेलीकॉप्टर गंगनानी के पास क्रैश, 5 यात्रियों की मौत
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डंडी-कंडी, घोडा-खच्चर से यमुनोत्री जाने वालों को दर्शन के लिए सिर्फ 60 मिनट 60 मिनट में न लौटे तो खाली वापस लौट जाएगा पोर्टर और बेबस और बुजुर्गों के पास सिफ रह जाएगी लाचारी
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