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भारत का वित्त वर्ष 26 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत रहा है। यह केंद्र द्वारा तय अवधि के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप है।
भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 508.40 अंक या 0.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,267.34 और निफ्टी 165.15 अंक या 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,382.60 पर बंद हुआ।
सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद मई में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।।
नया महीना शुरू होने के साथ ही 1 जून से आम लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनमें यूपीआई भुगतान प्रणाली की सुरक्षा बढ़ाने, एटीएम निकासी नियमों में बदलाव, पैन कार्ड से जुड़े प्रावधानों में संशोधन और अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) भुगतान की समयसीमा जैसी अहम बातें शामिल हैं।
भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में यूपीआई के जरिए कुल 23.20 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के चलते सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 बढ़त के साथ ट्रेड करते हुए नजर आए, क्योंकि निवेशक निकट भविष्य में अमेरिका-ईरान व्यापार समझौते की प्रतीक्षा कर रहे हैं।।
घरेलू बाजार में मई में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिली है, जिससे सोना की कीमत 1.56 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी क दाम 2.63 लाख रुपए प्रति किलो से अधिक हो गया है।।
अरबपति उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा है कि अमेरिका में अदाणी समूह से जुड़े कानूनी मामलों का अध्याय अब पीछे छूट चुका है और समूह अब अपनी अगली विकास यात्रा पर पूरी मजबूती के साथ ध्यान केंद्रित कर रहा है।।
आधुनिक इतिहास में हमेशा फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे - सड़कें, पोर्ट्स, पावर प्लांट्स- पहला आया है और इसके बाद टेक्नोलॉजी का आगमन हुआ है, लेकिन आज के युग में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस एक दूसरे के पूरक हैं और एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बयान अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए दिए अपने वार्षिक संदेश में दिया।
देश के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बुढ़ापे में नियमित आय की व्यवस्था करना हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम) संचालित कर रही है।
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