ग्रामीण स्तर पर गठित महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घरेलू कामकाज के साथ-साथ अब आजीविका संवर्धन के कार्य में भी जुटी हैं। चंबा ब्लॉक के जगधार रानीचौरी की महिलाओं ने जहां अप्रैल माह में बुरांस के फूलों का रस निकालकर जूस बनाया, वहीं अब यह महिलाएं गुलाब का जूस व शरबत बनाकर अपने व्यापार को और सशक्त बना रही है। जैविक उत्पादों की बाजार में लगातार डिमांड बनी हुई है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। जिसके क्रियान्वयन के लिए डीएम मयूर दीक्षित ने विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को स्वयं सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से महिला सतत आजीविका योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति की ओर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जगधार रानीचौरी में गर्मी के सीजन को देखते हुए बुरांस के बाद अब गुलाब के फूलों से शरबत बना रही हैं। इन महिलाओं को वर्ष 2022 में प्रशिक्षण दिया गया। जिसके बाद उन्होंने बुरांस व गुलाब से शरबत बनाने की प्रक्रिया सीखी। ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति की सचिव कुंभीभाला भट्ट ने बताया कि गर्मी के सीजन आते ही ग्रामीण महिलाएं देसी गुलाब के फूलों और पत्तियों से बिना चीनी, कलर और प्रिजर्वेटिव के गुलाब का शरबत बना रही है। इस दौरान हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जाता है। बताया कि वे शरबत को बाजार में आसानी से 100 से 120 रुपये प्रतिकिलो बेचकर हर दिन 500 रुपये कमा रही हैं।

Advertisement

Get Newsletter