बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान से दूर होते हैं पितृ दोष
बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा
बैसाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान विष्णु के बुद्ध अवतार की पूजा की जाती है।
पुराणों के अनुसार जब लोग यज्ञ और बलि के नाम पर निर्दोष प्राणियों की हत्या करने लगे, तब भगवान विष्णु ने उन्हें अहिंसा का रास्ता दिखाने के लिए बुद्ध के रूप में अवतार लिया। बैसाख पूर्णिमा पर भिक्षुओं और पुजारियों को भोजन देना एक आम प्रथा है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन तुलसी के पौधे में जल, दूध और फूल अर्पित कर लाल चुनरी चढ़ाने से घर में धन और समृद्धि बनी रहती है।
वास्तुविद और ज्योतिष सलाहकार राहुल अग्रवाल के मुताबिक बुद्ध पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देना भी महत्वपूर्ण उपाय है। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है और यदि इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है तो इसके पूजन का पूर्ण फल मिलता है। शाम को पीपल के पेड़ में दीपक जलाने और ईश्वर से घर की समृद्धि की कामना करने से जीवन में खुशहाली बनी रहेगी। यदि राशि में शनि की साढ़े साती चल रही है तो ये उपाय और ज्यादा फलदायी माना जाता है। यदि बुद्ध पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाया जाए तो ये बहुत फलदायी माना जाता है।