देहरादून : चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के नाम पर शासन प्रशासन एक के बाद एक प्रयोग कर रहा है। इसी तर्ज पर इस बार जिलाधिकारी उत्तरकाशी की ओर से एक और तुगलकी फरमान जारी किया गया है। यह फरमान डंडी कंडी और घोडा खच्चर वालों के लिए जारी किया गया है।  जब यात्रा तैयारियों की पोल खुली तो उसे ढांकने के लिए तरह-तरह के नियम कानून तीर्थयात्रियों और यात्रा संचालकों पर थोपे जा रहे हैं। एक ओर जहां शासन ने यात्रियों की तादात का हवाला देते हुए आफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया है तो वहीं यात्रियों को भी जगह-जगह रोका जा रहा है।

अब जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने नया फरमान जारी किया है। फरमान हालांकि घोडा खच्चर और डंडी कंडी संचालकों के लिए है लेकिन इस फरमान से पहले से ही परेशानी झेल रहे तीर्थयात्रियों की फजीहत होने वाली है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी ने आदेश जारी किए हैं कि कोई भी डंडी कंडी और घोडा खच्चर संचालक यमुनोत्री धाम में एक घंटे से ज्यादा नहीं रुकेगा। मतलब साफ है कि अब घोडा खच्चर और डंडी कंडी से यात्रा करने वाले असहाय, लाचार और बुजुर्गों को यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए सिर्फ 60 मिनट का समय मिलेगा।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने डंडी कंडी संचालकों के लिए अधिकतम फेरों की संख्या भी निर्धारित कर दी है। एक दिन में तीन सौ से ज्यादा डंडी कंडी संचालक मार्ग पर नहीं चल  पाएंगे और वह भी हर घंटे में 50 ही यात्रियों को ले जा पाएंगे।

देहरादून : चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के नाम पर शासन प्रशासन एक के बाद एक प्रयोग कर रहा है। इसी तर्ज पर इस बार जिलाधिकारी उत्तरकाशी की ओर से एक और तुगलकी फरमान जारी किया गया है। यह फरमान डंडी कंडी और घोडा खच्चर वालों के लिए जारी किया गया है।  जब यात्रा तैयारियों की पोल खुली तो उसे ढांकने के लिए तरह-तरह के नियम कानून तीर्थयात्रियों और यात्रा संचालकों पर थोपे जा रहे हैं। एक ओर जहां शासन ने यात्रियों की तादात का हवाला देते हुए आफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया है तो वहीं यात्रियों को भी जगह-जगह रोका जा रहा है।

अब जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने नया फरमान जारी किया है। फरमान हालांकि घोडा खच्चर और डंडी कंडी संचालकों के लिए है लेकिन इस फरमान से पहले से ही परेशानी झेल रहे तीर्थयात्रियों की फजीहत होने वाली है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी ने आदेश जारी किए हैं कि कोई भी डंडी कंडी और घोडा खच्चर संचालक यमुनोत्री धाम में एक घंटे से ज्यादा नहीं रुकेगा। मतलब साफ है कि अब घोडा खच्चर और डंडी कंडी से यात्रा करने वाले असहाय, लाचार और बुजुर्गों को यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए सिर्फ 60 मिनट का समय मिलेगा।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने डंडी कंडी संचालकों के लिए अधिकतम फेरों की संख्या भी निर्धारित कर दी है। एक दिन में तीन सौ से ज्यादा डंडी कंडी संचालक मार्ग पर नहीं चल  पाएंगे और वह भी हर घंटे में 50 ही यात्रियों को ले जा पाएंगे।

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