आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट में क्या-क्या हुआ बदलाव? जानिए कैसे होगी टिकट बुकिंग और क्या हैं नए फीचर्स
भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने अपने करोड़ों यात्रियों के लिए नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस नए पोर्टल का उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज, आसान और यूजर फ्रेंडली बनाना है।

नई दिल्ली, 16 जुलाई । भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने अपने करोड़ों यात्रियों के लिए नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस नए पोर्टल का उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज, आसान और यूजर फ्रेंडली बनाना है। फिलहाल वेबसाइट का बीटा वर्जन जारी किया गया है, ताकि यात्रियों से फीडबैक लेकर इसमें जरूरी सुधार किए जा सकें। रेलवे का कहना है कि अगले कुछ सप्ताह में सभी सुझावों को शामिल करने के बाद नया पोर्टल पूरी तरह से लॉन्च कर दिया जाएगा।
आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट 15 जुलाई 2026 की रात 9 बजे से लाइव हो गई है। पिछले महीने जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) के दौरे के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी लॉन्चिंग की घोषणा की थी। फिलहाल नई और पुरानी दोनों वेबसाइटें एक साथ काम कर रही हैं, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नई वेबसाइट लॉन्च होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या यात्रियों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसका जवाब है नहीं। यात्री अपनी पुरानी आईआरसीटीसी यूजर आईडी और पासवर्ड से ही नई वेबसाइट पर लॉगिन कर सकते हैं। इसके लिए अलग से नया अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं है।
नई वेबसाइट में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जो टिकट बुकिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान बनाएंगे। सबसे बड़ा बदलाव स्मार्ट कैप्चा है। अब लॉगिन और टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार कैप्चा भरने की झंझट काफी हद तक खत्म कर दी गई है। इसके अलावा अनावश्यक पॉप-अप, चमकदार ग्राफिक्स और ध्यान भटकाने वाले एलिमेंट्स भी हटा दिए गए हैं, जिससे वेबसाइट का अनुभव अधिक सहज हो गया है।
दूसरा बड़ा बदलाव सीट उपलब्धता को लेकर किया गया है। अब यात्रियों को स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी जैसी अलग-अलग श्रेणियों के लिए बार-बार सर्च नहीं करना पड़ेगा। सभी क्लास में सीटों की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी।
बुकिंग प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए फास्ट चेकआउट फीचर भी जोड़ा गया है। टिकट बुक करने के दौरान पहले जितने चरणों से गुजरना पड़ता था, उनकी संख्या कम कर दी गई है। इससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में कम समय में पूरी हो सकेगी।
बार-बार यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आसान रिपीट बुकिंग की सुविधा भी दी गई है। इसमें यात्रियों की जानकारी पहले से सेव रहेगी, जिससे अगली बार टिकट बुक करते समय नाम, उम्र और अन्य विवरण दोबारा दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यात्री https://www.irctc.co.in/eticket/ पर जाकर नई बीटा वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, जो लोग आईआरसीटीसी की मौजूदा वेबसाइट खोलेंगे, उन्हें होमपेज पर ही नई वेबसाइट पर जाने का सीधा लिंक भी दिखाई देगा।
रेलवे के अनुसार, बीटा वर्जन जारी करने का मुख्य मकसद यात्रियों से सुझाव और फीडबैक प्राप्त करना है। यात्री नई वेबसाइट का इस्तेमाल करने के बाद अपने अनुभव साझा कर सकेंगे। इन्हीं सुझावों के आधार पर वेबसाइट में और सुधार किए जाएंगे, ताकि अंतिम संस्करण अधिक उपयोगी और सुविधाजनक बनाया जा सके।
गौरतलब है कि साल 2002 में शुरू हुई आईआरसीटीसी की वेबसाइट आज देश के सबसे व्यस्त ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है। वर्तमान में इस पोर्टल के जरिए हर दिन औसतन 14.5 लाख ट्रेन टिकट बुक किए जाते हैं। लगातार बढ़ते यूजर बेस और ट्रैफिक को देखते हुए वेबसाइट के तकनीकी ढांचे को आधुनिक बनाना जरूरी हो गया था।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल वेबसाइट के नए डिजाइन तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को भी अपग्रेड किया जा रहा है। सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान टिकट बुकिंग सेवा को एक मिनट के लिए भी बंद नहीं किया जा सकता था। इसलिए पुराने सिस्टम को चालू रखते हुए समानांतर रूप से नए सिस्टम पर काम किया गया।
रेलवे का कहना है कि फिलहाल बीटा वर्जन के जरिए यात्रियों की प्रतिक्रिया ली जा रही है। जैसे ही नया पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन और वेबसाइट पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, अगले कुछ सप्ताह में नया आईआरसीटीसी पोर्टल सभी यात्रियों के लिए पूर्ण रूप से उपलब्ध करा दिया जाएगा। तब तक यात्री चाहें तो नई बीटा वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर पहले की तरह पुराने पोर्टल से भी टिकट बुकिंग जारी रख सकते हैं।
Source: IANS

