भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 505 अंक उछला, एफएमसीजी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी

मुंबई, 17 अप्रैल । वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

इस उम्मीद के बीच कि अमेरिका-ईरान युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, घरेलू बाजार ने मामूली नुकसान के साथ खुलने के बाद तेजी दिखाई और दिन का अंत भी हरे निशान में किया।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 504.86 (0.65 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 78,493.54 स्तर पर था, तो वहीं निफ्टी 156.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत चढ़कर 24,353.55 पर कारोबार करता नजर आया।

शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स 77,976.13 पर खुलकर 78,553.45 का इंट्रा-डे हाई बनाया, तो वहीं निफ्टी 24,165.90 पर खुलकर 24,371.90 का हाई टच किया।

ब्रॉडर मार्केट में प्रमुख बेंचमार्कों से ज्यादा तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.27 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.48 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी आईटी को छोड़कर, जिसमें मामूली 0.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, सभी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए।

सबसे ज्यादा निफ्टी एफएमसीजी में 2.65 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 1.34 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 1.10 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.94 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.78 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.74 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.61 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

निफ्टी 50 में एचयूएल, जेएसडब्ल्यू स्टील, नेस्ले इंडिया, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, पावर ग्रिड, मैक्स हेल्थ और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। जबकि विप्रो, एचडीएफसी लाइफ, सनफार्मा, बजाज-ऑटो, एमएंडएम, एचसीएल टेक, एलएंडटी और एसबीआई लाइफ के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अब सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली आगामी चर्चाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, जिनसे वैश्विक और घरेलू बाजारों को आगे की दिशा मिलने की उम्मीद है।

एक बाजार विशेषज्ञ ने बताया, "हाल की अस्थिरता के बाद बाजार अधिक स्थिर स्टेज में प्रवेश करता दिख रहा है, जिसे भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी, अस्थिरता में कमी और रक्षात्मक क्षेत्रों में क्षेत्रीय बदलाव का समर्थन मिल रहा है।"

Source: IANS

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