भारत को एक बड़ी वैश्विक ताकत बनाने में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस निभाएंगे अहम भूमिका: गौतम अदाणी

अहमदाबाद, 24 जून । अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस को अलग-अलग प्राथमिकता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इन्हें एक-दूसरे का पूरक माना जाना चाहिए।

साथ ही कहा कि ये दोनों कारक मिलकर भारत की आर्थिक क्षमताओं को मजबूत करेंगे, रणनीतिक आत्मनिर्भरता बढ़ाएंगे और एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनने की भारत की महत्वाकांक्षा को समर्थन देंगे।

अदाणी ग्रुप की 34वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए, अरबपति उद्योगपति ने इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकास की रीढ़ की हड्डी बताया। इसमें सड़कें, बंदरगाह, हवाई अड्डे, पावर प्लांट, ट्रांसमिशन नेटवर्क, रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, गैस पाइपलाइन, लॉजिस्टिक्स हब, जल प्रणालियां और औद्योगिक इकोसिस्टम जैसी संपत्तियां शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, गौतम अदाणी ने 'इंटेलिजेंस' को बेहद अहम बताया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, रियल-टाइम एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव सिस्टम जैसी तकनीकों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

गौतम अदाणी ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स और नेटवर्क में काम करने की क्षमता, तेजी से प्रतिक्रिया देने और फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए इन टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, "यह साल ऐसा है जिसमें दुनिया और ज्यादा बंटी हुई नजर आई। एनर्जी सिक्योरिटी के जटिल मॉडल राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में लौट आए और टेक्नोलॉजी देश की संप्रभुता का अटूट हिस्सा बन गई। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद, आपका अदाणी ग्रुप एक अटूट विश्वास पर टिका रहा।"

गौतम अदाणी ने शेयरहोल्डर्स से कहा, "जब दूसरे लोग बहस कर रहे थे, तब आपके ग्रुप ने काम किया और एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में दुनिया के सबसे इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के तौर पर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया। हमारे लिए यह तरक्की आसान हालात में नहीं हुई। यह बहुत अधिक जांच-पड़ताल के बीच हुई। फिर भी, हम झुके नहीं। हम रुके नहीं।"

गौतम अदाणी ने ग्रुप के चल रहे इन्वेस्टमेंट साइकल के बड़े पैमाने पर जोर देते हुए बताया कि अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 26 के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया। उन्होंने कहा कि यह खर्च उस साल भारत में प्राइवेट सेक्टर के सभी नए पूंजीगत खर्च का 30 प्रतिशत से ज्यादा था।

Source: IANS

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