भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाई, कारोबारियों के लिए सुनहरा मौका: पीयूष गोयल

लंदन/नई दिल्ली, 26 जून । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) को दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए शुक्रवार को कहा कि ब्रिटेन में इस समझौते को लेकर जबरदस्त उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के कारोबारी समुदाय में इस समझौते को लेकर काफी आशावाद है और इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पीयूष गोयल ने कहा कि वह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल लेकर ब्रिटेन पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों और विभिन्न क्षेत्रों से करीब 170 उद्योगपति और कारोबारी उनके साथ आए हैं। लंदन में उनकी ब्रिटिश कंपनियों और भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें हुई हैं।

उन्होंने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी का आधार बनेगा। उनके अनुसार, यह समझौता व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ भारत और ब्रिटेन के रिश्तों को भी नई मजबूती देगा।

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि जीवन में कुछ ऐसे अवसर आते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना और उनका लाभ उठाना बेहद जरूरी होता है। यदि ऐसे मौके हाथ से निकल जाएं तो वे दोबारा नहीं मिलते। उन्होंने दोनों देशों के उद्योग जगत से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सही समय है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि "यही सही समय है।" गोयल ने कहा कि भारत-यूके साझेदारी के संदर्भ में इससे बेहतर संदेश नहीं हो सकता और दोनों देशों के कारोबारियों को इस अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहिए।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) भारत आए थे, जिनके साथ दो दिनों तक विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित व्यापार समझौते के अधिकांश महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दोनों देशों के बीच व्यापक सहमति बन चुकी है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी एक अहम मुद्दे पर चर्चा जारी है। भारत चाहता है कि उसे अमेरिकी बाजार में अन्य प्रतिस्पर्धी देशों, खासकर आसियान क्षेत्र के देशों की तुलना में बेहतर और अधिक प्रतिस्पर्धी बाजार पहुंच मिले। अमेरिकी पक्ष ने इस विषय पर समाधान निकालने का भरोसा दिया है।

पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि जैसे ही इस मुद्दे का समाधान हो जाएगा और भारतीय वस्तुओं एवं सेवाओं को अमेरिकी बाजार में बेहतर प्राथमिकता मिलेगी, वैसे ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देकर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

Source: IANS

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