श्रमिक आंदोलन: पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच में जुटी एटीएस, भड़काऊ सोशल मीडिया अकाउंट्स रडार पर
नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक जांच में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे संदिग्ध विदेशी कनेक्शन, विशेष रूप से पाकिस्तानी लिंक सामने आने के बाद अब मामले की जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) भी कर रही है।
नोएडा, 18 अप्रैल । नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक जांच में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे संदिग्ध विदेशी कनेक्शन, विशेष रूप से पाकिस्तानी लिंक सामने आने के बाद अब मामले की जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) भी कर रही है।
एटीएस ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है और हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। इस दौरान कई स्थानों पर तोड़फोड़, वाहनों में आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं।
पुलिस और प्रशासन को हालात काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित तरीके से भड़काया गया। खासतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को उकसाने और माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई। एटीएस अब उन सभी सोशल मीडिया और ट्विटर अकाउंट्स की गहन जांच कर रही है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ पोस्ट, वीडियो या मैसेज शेयर किए थे।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ संदिग्ध अकाउंट्स की लोकेशन और गतिविधियां देश के बाहर से संचालित होने के संकेत दे रही हैं, जिनका संबंध पाकिस्तान से होने की आशंका जताई जा रही है। इन अकाउंट्स के जरिए अफवाहें फैलाने, गलत जानकारी देने और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का प्रयास किया गया। एटीएस डिजिटल फॉरेंसिक टीम की मदद से इन अकाउंट्स के डेटा, आईपी एड्रेस और नेटवर्क कनेक्शन की जांच कर रही है।
साथ ही, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन अकाउंट्स का किसी आतंकी संगठन या संगठित नेटवर्क से कोई संबंध है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जो भी व्यक्ति या समूह इस हिंसा में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Source: IANS