दिल्ली : भारत-इंग्लैंड मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 18 जुलाई । दिल्ली पुलिस की कीर्ति नगर थाना पुलिस ने भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 28 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, अवैध जुआ और साइबर आधारित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कीर्ति नगर थाना पुलिस को 16 जुलाई को सूचना मिली थी कि एन-ब्लॉक स्थित एक मकान से भारत-इंग्लैंड क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जा रही है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर महावीर सिंह और एसीपी जय प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई, जिसने मौके पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच लोगों को कथित रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए पकड़ा। पुलिस के अनुसार, टीम को देखते ही आरोपी अपने मोबाइल फोन और लैपटॉप बंद कर डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत काबू कर लिया। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में लाइव ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित होने के साक्ष्य मिले। शुरुआती जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध अवैध लेन-देन का भी पता चला है।

इस संबंध में कीर्ति नगर थाने में दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 1955 की धारा 3, 4 और 5 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों की ऑनलाइन सट्टेबाजी में संलिप्तता सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जतिन टंडन, योगेश गोयल, अनमोल, शिखर अग्रवाल और मोहित ढिंगरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी कथित तौर पर आसानी से पैसा कमाने के लालच में इस अवैध कारोबार से जुड़े थे। इनमें शिखर अग्रवाल की भूमिका इस रैकेट में सबसे अहम बताई जा रही है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 28 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, दो ऑडियो रिकॉर्डर, एक हेडफोन, सट्टेबाजी और लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज तीन नोटबुक, एक इंटरनेट राउटर, एक पोर्टेबल वाई-फाई राउटर, लैपटॉप एवं मोबाइल चार्जर समेत अन्य सामान भी बरामद किया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। अधिकारी ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड, इससे जुड़े अन्य लोगों तथा पूरे वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं।

Source: IANS

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