सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर नए पेमेंट गेटवे, 40 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन

नई दिल्ली, 3 जून । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों के बाद अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर भुगतान की सुविधा के लिए चार सरकारी बैंकों के पेमेंट गेटवे उपलब्ध करा दिए गए हैं। यह व्यवस्था सुचारू रूप से उपलब्ध है।

बोर्ड के मुताबिक, हजारों छात्र बिना किसी परेशानी के अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। सीबीएसई के अनुसार, पोर्टल पर भुगतान के लिए भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के पेमेंट गेटवे उपलब्ध हैं।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों का इन बैंकों में खाता होना आवश्यक नहीं है। कोई भी छात्र उपलब्ध पेमेंट गेटवे के माध्यम से आसानी से शुल्क का भुगतान कर सकता है। बोर्ड ने बताया कि उम्मीदवारों को ऑनलाइन भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। छात्र यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई), नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड तथा डेबिट कार्ड के माध्यम से निर्धारित पेमेंट गेटवे पर भुगतान कर सकते हैं। इससे देशभर के छात्रों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिल रही है।

सीबीएसई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह 9 बजकर 30 मिनट तक लगभग 40,000 छात्र इस सुविधा का लाभ उठाकर सफलतापूर्वक अपना आवेदन जमा कर चुके हैं। बोर्ड ने कहा कि अब तक आवेदन प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है और किसी प्रकार की व्यापक तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है।

हाल के दिनों में पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की सूचनाएं और दावे सामने आए थे। ऐसे में सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल बोर्ड की आधिकारिक सूचनाओं और घोषणाओं पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी से बचें। बोर्ड ने दोहराया है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पोर्टल की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।

गौरतलब है कि सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की कि जब उन्होंने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखीं तो कई पन्ने धुंधले दिखाई दे रहे थे। कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिका के कुछ हिस्से गायब होने का आरोप लगाया, जबकि कई छात्रों को बोर्ड की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

वहीं कई छात्रों का कहना था कि शेयर की गई उत्तर पुस्तिकाएं उनकी हैं ही नहीं। इन शिकायतों के बाद सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न छात्र संगठनों तक, ओएसएम प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे। कई छात्रों का कहना था कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और डिजिटल मूल्यांकन में त्रुटियां हैं और इससे उनके अंतिम परिणाम प्रभावित हो रहे हैं।

Source: IANS

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