घर छोड़ने वालों के लिए उम्मीद से भरा संदेश है 'क्या कमाल है' गाना- इम्तियाज अली

मुंबई, 10 जून । फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली की आने वाली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' इन दिनों चर्चा में है। यह फिल्म लोगों को इतिहास के एक बड़े दर्द से रूबरू कराएगी। इस कड़ी में मेकर्स ने फिल्म का एक और गाना 'क्या कमाल है' जारी कर दिया है। यह गाना फिल्म समाप्त होने के बाद दिखाया जाएगा। इस गाने को उन लोगों को समर्पित किया गया है, जिन्हें मजबूरी में अपना घर छोड़कर किसी दूसरी जगह जाना पड़ा।

इम्तियाज अली ने इस गाने के बारे में बात करते हुए एक व्यक्ति का जिक्र किया, जिसे अपना घर छोड़ना पड़ा था। उस व्यक्ति ने कहा था, 'अगर मेरे पास घर छोड़ने और मौत में से किसी एक को चुनने का मौका होता, तो मैं खुशी-खुशी मौत चुनता।' इम्तियाज ने कहा कि यह बात बताती है कि अपने घर, अपने लोगों और अपनी मिट्टी से दूर होना किसी भी इंसान के लिए कितना बड़ा दुख होता है।

उन्होंने कहा, ''आज भी दुनिया के कई हिस्सों में लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं। कोई युद्ध की वजह से अपना शहर छोड़ता है, तो कोई नफरत और हिंसा के कारण। जब कोई इंसान अपना घर छोड़ता है, तो वह सिर्फ एक जगह नहीं छोड़ता, बल्कि अपनी यादें, अपना बचपन, अपने रिश्ते और अपनी पहचान भी पीछे छोड़ देता है। यही दर्द इस गीत में दिखाने की कोशिश की गई है।''

दिलजीत दोसांझ के साथ काम करने को लेकर इम्तियाज अली ने कहा, ''यह मेरे लिए बहुत खास अनुभव रहा। यह गाना और फिल्म उन लोगों के लिए बनाए गए हैं, जिन्होंने अपने जीवन में बड़े दुख और मुश्किलों का सामना किया है। संगीत और कहानियां लोगों के दिल तक पहुंचती हैं और उनके दर्द को समझने में मदद करती हैं।''

इम्तियाज अली ने कहा, ''फिल्म की कहानी भारत के बंटवारे से जुड़ी हुई है। बंटवारे के समय लाखों लोगों को अपना घर और अपना शहर छोड़ना पड़ा था। कई परिवार बिछड़ गए थे और बहुत से लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। यह सिर्फ इतिहास की घटना नहीं है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन का दर्द है, जिसे आज भी भुलाया नहीं जा सका है।''

निर्देशक ने कहा, ''समय बदल गया है, लेकिन ऐसी परेशानियां आज भी खत्म नहीं हुई हैं। दुनिया के कई देशों में लोग अब भी युद्ध और संघर्ष की वजह से अपना घर छोड़ रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए 'क्या कमाल है' गाना एक उम्मीद भरा संदेश लेकर आता है। यह गीत बताता है कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, इंसान फिर भी आगे बढ़ सकता है और नई शुरुआत कर सकता है।''

इस गाने में मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपनी आवाज दी है। इसका संगीत प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान ने तैयार किया है। वहीं गीत के बोल इरशाद कामिल ने लिखे हैं।

Source: IANS

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