गर्मियों में बदबूदार पसीने से राहत डियोड्रेंट नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक तरीके अपनाएं
गर्मियों के आते ही त्वचा की देखभाल करना बहुत जरूरी हो जाता है। सर्दियों की तुलना में गर्मियों के मौसम में त्वचा ज्यादा देखभाल मांगती है, लेकिन त्वचा सुरक्षा से लेकर पसीने की दुर्गंध तक गर्मियों में एक आम समस्या बन जाती है।
नई दिल्ली, 11 अप्रैल। गर्मियों के आते ही त्वचा की देखभाल करना बहुत जरूरी हो जाता है। सर्दियों की तुलना में गर्मियों के मौसम में त्वचा ज्यादा देखभाल मांगती है, लेकिन त्वचा सुरक्षा से लेकर पसीने की दुर्गंध तक गर्मियों में एक आम समस्या बन जाती है।
लोग पसीने से बचने के लिए डियोड्रेंट और परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह अस्थायी परिणाम देते हैं, सही संतुलन नहीं। गर्मियों में आने वाले बदबूदार पसीने से निजात पाने के लिए आयुर्वेद शरीर के अंदर संतुलन पर जोर देता है, न कि बाहरी उपाय पर।
आयुर्वेद पसीने की दुर्गंध को कफ और वात का असंतुलन मानता है। कफ और वात के असंतुलन से पसीना ज्यादा निकलता है और बैक्टीरिया पनपने का वातावरण गर्मी की वजह से बन जाता है। ऐसे में शरीर से तेज दुर्गंध आती है, जिससे बाहर निकलने में भी शर्मिंदगी होती है। ऐसे में पहले शरीर को अंदर से स्वच्छ करना ज्यादा जरूरी है। पहले जानते हैं कि ऐसा होता क्यों है।
आयुर्वेद में इसे खान-पान से जोड़ा गया है। गर्मियों के समय ज्यादा तला-भुना, तीखा, मसालेदार और कम पानी पीना इसके पीछे का मुख्य कारण है। इससे हार्मोन असंतुलन पैदा होता है। इसके साथ ही लोग गर्मियों में सूती कपड़े पहनने के बजाय सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, जो धूप के संपर्क में आते ही शरीर में गर्मी पैदा करते हैं और न सिर्फ पसीने में वृद्धि करते हैं, बल्कि इससे मुंहासे और घमौरी की संभावना भी बढ़ जाती है।
अब सवाल है कि क्या करें। इसके लिए दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें। हो सके तो सुबह सौंफ का पानी पीएं। इसकी तासीर ठंडी होती है और यह पेट साफ करने में भी मदद करती है। इसके साथ ही दिन में एक बार गुलाब जल का सेवन जरूर करें। इससे तन और मन में शीतलता मिलती है। शरीर को ठंडा रखने के लिए नारियल पानी जरूर पीएं। नारियल पानी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और पेट को भी ठंडा रखने में मदद करता है। इसके साथ भुना जीरा मिलाकर दोपहर के वक्त छाछ जरूर लें। इससे गर्मियों में लू नहीं लगती और शरीर ठंडा महसूस करता है।
भीतरी शीतलता के अलावा शरीर को बाहर से भी स्वच्छ रखना जरूरी है। इसके लिए गर्मियों में नीम के पत्ते के साथ स्नान करे। यह बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है। अगर नीम का पेड़ आस-पास उपलब्ध नहीं है, तो फिटकरी को मिलाकर नहाने से भी बैक्टीरिया कम होगा। धूप और दुर्गंध से बचने के लिए शरीर पर चंदन और गुलाबजल का लेप लगाएं। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ सुगंधित बनाने में भी मदद करेगा।
Source: IANS