मच्छरों के आतंक से बचने का आसान तरीका, डब्ल्यूएचओ ने बताया क्या करें, क्या नहीं
एक मच्छर भी आपके स्वास्थ्य के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मलेरिया को पूरी तरह समाप्त करने के संकल्प को दोहराते हुए बताया कि मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी के बचाव के लिए हमें क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल । एक मच्छर भी आपके स्वास्थ्य के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मलेरिया को पूरी तरह समाप्त करने के संकल्प को दोहराते हुए बताया कि मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी के बचाव के लिए हमें क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इसे आसानी से रोका और ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सावधानी जरूरी है। संगठन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मच्छरों को पनपने से रोकें और खुद को बचाएं।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए घर के आसपास जमे पानी को पूरी तरह हटा दें। मच्छर पानी में अंडे देते हैं, इसलिए गमलों, टायरों, बाल्टियों या किसी भी जगह पर पानी जमा न रहने दें। सूरज डूबने से लेकर सूरज उगने तक पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छर काट न सकें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल जरूर करें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर घर के अंदर न आ सकें।
इसके अलावा, लक्षणों पर नजर रखें जैसे मलेरिया के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आम लक्षण हैं– बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना, थकान, सिरदर्द और मतली। अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो देर न करें। वहीं, गंभीर लक्षण में भ्रम की स्थिति, सांस लेने में तकलीफ, दौरे पड़ना व गाढ़ा पीला पेशाब होना। ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचें।
डब्ल्यूएचओ की सलाह है कि इसके लिए जल्दी टेस्ट कराएं और तुरंत इलाज शुरू करें। मलेरिया को समय रहते पकड़कर आसानी से ठीक किया जा सकता है। देरी करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। मलेरिया को रोकने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर प्रयास जरूरी हैं। मच्छर नियंत्रण, साफ-सफाई और जागरूकता से हम इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।
Source: IANS