छात्रों का इंतजार खत्म, सीबीएसई ने वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल एक्टिव किया
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। जो विद्यार्थी अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे और अंकों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) तथा पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू कर दिया है।

नई दिल्ली, 2 जून । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। जो विद्यार्थी अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे और अंकों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) तथा पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू कर दिया है।
यह पोर्टल अब सक्रिय हो गया है। सीबीएसई ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। बोर्ड ने छात्रों को आवेदन प्रक्रिया समझाने के लिए एक वीडियो भी साझा किया है। पोस्ट में कहा गया है कि आवेदन से संबंधित चरणबद्ध निर्देशों के लिए छात्र वीडियो को ध्यानपूर्वक देखें।
उल्लेखनीय है कि सीबीएसई ने यह पोर्टल पहले 29 मई को खोलने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसकी तिथि बढ़ाकर 1 जून कर दी गई थी। बोर्ड ने कहा था कि छात्रों को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी खामियों से मुक्त प्रणाली उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
हालांकि, 1 जून को सुबह से ही पोर्टल सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण छात्रों को लॉगिन करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। अब 2 जून को पोर्टल सक्रिय कर दिया गया है।
सीबीएसई ने रविवार को कहा था कि परीक्षा सेवाओं के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑनमार्क पोर्टल में सामने आई कमियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बोर्ड के अनुसार, सरकारी एजेंसियां और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ भी प्रणाली को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं।
यह बयान 12वीं कक्षा के मूल्यांकन के लिए हाल ही में लागू की गई ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच आया था। तकनीकी समस्याओं और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं की रिपोर्ट सामने आने के बाद इस प्रणाली की आलोचना भी हुई थी।
बोर्ड ने एक बयान में कहा था कि हम अपने सर्विस प्रोवाइडर के ऑनमार्क पोर्टल में उन कमजोरियों पर करीब से नजर रख रहे हैं, जिन्हें पब्लिक डोमेन में फ्लैग किया जा रहा है।
सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार, प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही परीक्षा सेवाओं की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Source: IANS
