जेईई एडवांस्ड में डेटा लीक की खबरें भ्रामक, शिक्षा मंत्रालय और आईआईटी रुड़की ने किया खंडन

नई दिल्ली, 5 जून । केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (एडवांस्ड) के नतीजों में डाटा लीक होने के आरोपों को खारिज कर दिया।

मंत्रालय ने आईआईटी रुड़की द्वारा 1.79 लाख से ज्‍यादा छात्रों के लिए आयोजित इस परीक्षा में लोगों का भरोसा कम करने की कोशिशों की निंदा की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर एक संदेश में मंत्रालय ने कहा, "जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा देने वाले छात्रों के डाटा लीक और प्राइवेसी के उल्लंघन के बारे में कई गुमराह करने वाली और तथ्यों के हिसाब से गलत खबरें आई हैं।"

मंत्रालय ने कहा, "आईआईटी रुड़की द्वारा जारी स्पष्टीकरण के मुताबिक, हम फिर से कहते हैं कि कोई भी संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है, और परीक्षा के नतीजे, मार्क्स और उम्मीदवारों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और सही सलामत है।"

आईआईटी रुड़की ने भी सोशल मीडिया पर डाटा लीक के दावों को खारिज करते हुए एडमिशन चाहने वाले छात्रों और उनके माता-पिता की चिंताओं को दूर किया।

संस्थान ने कहा कि किसी तकनीकी घटना को गलत तरीके से पेश करने और परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा कम करने की जानबूझकर की गई कोशिशें 'बहुत चिंताजनक' हैं और इन्हें हतोत्साहित किया जाना चाहिए।

जेईई एडवांस्ड परीक्षा, 23 प्रमुख इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में एडमिशन चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए एक क्वालिफाइंग परीक्षा है।

आईआईटी रुड़की ने सोशल मीडिया पर कहा, "लाखों जेईई (एडवांस्ड) उम्मीदवारों के डेटा लीक और प्राइवेसी के उल्लंघन के दावे गुमराह करने वाले और तथ्यों के हिसाब से गलत हैं।"

आईआईटी रुड़की ने कहा, "सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी गुमराह करने वाली है और असल में क्या हुआ था, उसे सही ढंग से नहीं दिखाती। गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है, जो सच्चाई से बहुत दूर है।"

संस्थान ने कहा, "2 जून को एडमिट कार्ड डाटा तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना कर रहे उम्मीदवारों की मदद करने और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए तेजी से कुछ तकनीकी बदलाव किए गए थे। इन बदलावों के कारण क्लाउड स्टोरेज कंपोनेंट में बहुत कम समय के लिए एक छोटी सी गलत कॉन्फिगरेशन की समस्या हुई थी।"

संस्थान ने कहा, "एक एथिकल हैकर, राइलेन अनिल ने इस गलत कॉन्फिगरेशन की पहचान की और बताया कि वह संबंधित डाटाबेस तक पहुंच सकते हैं। इस समस्या को तुरंत ठीक कर दिया गया और डाटा तक पहुंच को सीमित कर दिया गया। प्रभावित स्टोरेज 'रीड-ओनली' था, जिसका अर्थ है कि किसी भी डाटा को एडिट या डिलीट नहीं किया जा सका। क्लाउड एक्सेस लॉग के विश्लेषण से पुष्टि हुई कि कोई बल्क डाउनलोड नहीं हुआ (रीड-ओनली एक्सेस डेटा के 0.05 प्रतिशत से भी कम हिस्से तक सीमित था)।"

संस्‍थान ने कहा, "किसी भी संवेदनशील जानकारी से समझौता नहीं किया गया और न ही बड़े पैमाने पर डाटा निकाला गया। इस घटना का परीक्षा परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ा, जिसमें उम्मीदवारों के अंक, रैंक और श्रेणी शामिल हैं।"

संस्‍थान के मुताबिक, "आईआईटी रुड़की जेईई (एडवांस्ड) और जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी काउंसलिंग प्रक्रियाओं की अखंडता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

संस्‍थान ने कहा, "इस तकनीकी घटना को गलत तरीके से पेश करने और परीक्षा प्रणाली में जनता के विश्वास को कम करने के जानबूझकर किए गए प्रयास बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें हतोत्साहित किया जाना चाहिए। जेईई (एडवांस्ड) टीम आईआईटी और आईआईएससी में सुचारू और सुरक्षित प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से हर उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए तत्पर है।"

जेईई एडवांस्ड को लेकर ये अफवाहें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के उस पहले के फैसले के समय के आसपास आई हैं, जिसमें पेपर लीक होने के कारण नीट-यूजी 2026 को रद्द कर दिया गया था और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया था।

Source: IANS

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