एनसीआर में बढ़ेगा पारा, अगले चार दिनों में 40 डिग्री के पार, वायु प्रदूषण भी खतरे के निशान के ऊपर
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में अब तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगा।
एनसीआर, 17 अप्रैल। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में अब तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगा।
वहीं, दूसरी तरफ वायु गुणवत्ता सूचकांक पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है, जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम पूरी तरह साफ रहेगा।
वहीं 18 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री, 19 अप्रैल को 39 डिग्री और 23 डिग्री तथा 20 अप्रैल को भी 39 डिग्री और 23 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, सिर्फ चार दिनों में यानी 21 और 22 अप्रैल तक तापमान अधिकतम 40 डिग्री तक पहुंच जाएगा। 21 और 22 अप्रैल दोनों दिन अधिकतम 40 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री के साथ मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
गर्मी के इस मौसम में वायु गुणवत्ता ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क- V का एक्यूआई 368 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। वहीं नॉलेज पार्क- III का एक्यूआई 275 है। नोएडा की बात करें तो सेक्टर-116 का एक्यूआई 312 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' की श्रेणी में है। इसके अलावा सेक्टर-1 (269), सेक्टर-125 (259) और सेक्टर-62 (253) में भी एक्यूआई 'खराब' से 'बहुत खराब' के बीच बना हुआ है।
सबसे चिंताजनक स्थिति गाजियाबाद की है। यहां लोनी का एक्यूआई 387 दर्ज किया गया है, जो एनसीआर में सबसे अधिक है। वहीं वेद विहार-लोनी का एक्यूआई 362, इंदिरापुरम का 334, वसुंधरा का 285 और संजय नगर का 282 है। दिल्ली की बात करें तो बवाना में एक्यूआई 310, आनंद विहार में 268, अशोक विहार में 281 और आया नगर में 191 दर्ज किया गया है। 350 के पार पहुंच चुका एक्यूआई सेहत के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण लंबे समय तक संपर्क में रहने पर सांस की बीमारियों को जन्म दे सकता है।
Source: IANS