'ओसामा और जाकिर नाइक के हमदर्दों की राजनीतिक साजिश', खड़गे के बयान पर भाजपा का पलटवार

नई दिल्ली, 21 अप्रैल । कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री और भाजपा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कह दिया। हालांकि, उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी। वहीं, भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाए और खड़गे के बयान को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।

पुरी से सांसद और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाया है और आरोप लगाया है कि यह जानबूझकर किया गया षड्यंत्र है।

संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री को आतंकी कहना कोई भूल नहीं है। अगर वह सफाई दे रहे हैं तो आप याद रखिए, ये कांग्रेस का जानबूझकर किया गया षड्यंत्र है। कुछ दिनों से हम सभी देख रहे हैं कि कांग्रेस के तमाम नेताओं समेत राहुल गांधी पीएम मोदी को लेकर किस तरह की अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने भाषणों में पीएम मोदी के लिए तू-तड़ाक की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। आज तो हद हो गई, जब राहुल गांधी के कहने पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कह दिया। ये वही पार्टी है, जो ओसामा बिन लादेन को ओसामा जी कहती है और बड़े-बड़े आतंकियों के साथ खड़ी रहती है। कांग्रेस जाकिर नाइक को शांति का दूत कहती है और पीएम मोदी को आतंकी।

संबित पात्रा ने कहा कि पीएम मोदी आतंकी क्यों हैं? क्योंकि वे लोगों को पानी, घर, मुद्रा योजना, मुफ्त राशन दे रहे हैं और लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं। इसलिए वे आतंकी हो गए, ये कांग्रेस का चरित्र है।

उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि जब-जब पार्टी ने पीएम मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है, तब-तब जनता ने कांग्रेस को दंडित किया है। इस बार भी भारत की जनता जवाब देगी।

वहीं, सांसद विनोद तावड़े ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का प्रधानमंत्री को आतंकी कहना घोर निंदनीय एवं भर्त्सना के योग्य है। संवैधानिक प्रक्रिया से चयनित देश के प्रधानमंत्री के विरुद्ध ऐसे शब्दों का प्रयोग करना उनकी संविधान-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है एवं यह भी प्रदर्शित करता है कि उनके मन में देश के प्रधानसेवक के प्रति कितनी घृणा भरी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष को अपने इस निंदनीय कृत्य के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

हालांकि, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बयान पर सफाई दी और कहा कि मैंने नहीं कहा कि प्रधानमंत्री आतंकवादी हैं। मेरा कहने का मतलब था कि वे धमकी देते हैं, राजनीतिक पार्टियों को डरा रहे हैं। उनके पास ईडी, आईटी और सीबीआई जैसी संस्थाएं हैं।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement