उत्तर भारत में गर्मी से राहत, आंधी-बारिश का अलर्ट; अगले दो दिनों में गिरेगा तापमान

नई दिल्ली, 28 मई । भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम भारत में जारी भीषण और गंभीर लू से राहत मिलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट शुरू होगी, जबकि राजस्थान, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर बना रह सकता है।

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 28 से 30 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रही।

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। 28 से 31 मई के बीच उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मध्यम से तीव्र गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश होने की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 28 और 29 मई को 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके साथ ही बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, बिहार तथा दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप के कुछ और हिस्सों तक आगे बढ़ चुका है। अगले दो से तीन दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

दिल्ली-एनसीआर में 28 मई की शाम तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने के बाद मौसम पूरी तरह बदल सकता है। हल्की बारिश, गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि राजधानी में अधिकतम तापमान 29 मई को 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और 30 मई को 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही 44 से 46 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।

आईएमडी ने तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं से पेड़ों, बिजली लाइनों तथा कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

किसानों से भी खड़ी फसलों और कटे हुए कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखने का आग्रह किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति के साथ देश के बड़े हिस्से में तापमान में कमी और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, हालांकि स्थानीय स्तर पर बाढ़, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।

Source: IANS

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