टीवीके सरकार के तहत तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र आज, राज्यपाल आर्लेकर करेंगे संबोधित
टीवीके के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के गठन के बाद तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र गुरुवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। यह नई सरकार के विधायी कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत होगी।

चेन्नई, 18 जून । टीवीके के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के गठन के बाद तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र गुरुवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। यह नई सरकार के विधायी कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत होगी।
नवनिर्वाचित विधानसभा की पहली बैठक होने के कारण सत्र की शुरुआत परंपरागत राज्यपाल अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और विकास संबंधी प्राथमिकताओं की रूपरेखा पेश की जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने राज्यपाल आर्लेकर को सत्र का उद्घाटन करने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। राज्यपाल सुबह 9:50 बजे फोर्ट सेंट जॉर्ज स्थित विधानसभा परिसर पहुंचेंगे, जहां उन्हें सचिवालय भवन के दूसरे द्वार पर औपचारिक स्वागत दिया जाएगा।
अध्यक्ष प्रभाकर और विधानसभा सचिव श्रीनिवासन राज्यपाल का स्वागत करेंगे और उन्हें विधानसभा कक्ष तक लेकर जाएंगे। राज्यपाल लाल कालीन पर चलते हुए सदन में प्रवेश करेंगे और अंग्रेजी में अपना अभिभाषण देंगे। इसके बाद अध्यक्ष द्वारा भाषण का तमिल अनुवाद पढ़ा जाएगा।
राज्यपाल के अभिभाषण में टीवीके सरकार की आगामी वर्षों की प्रमुख योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का उल्लेख होने की संभावना है। यह भाषण विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत भी देगा।
अभिभाषण के बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक होने की संभावना है, जिसमें विधानसभा सत्र के आगे के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं, वित्त मंत्री मारिया विल्सन द्वारा तैयार श्वेत पत्र भी सदन में पेश किए जाने की उम्मीद है।
राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सत्र के दौरान शासन, कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक विकास से जुड़े किसी महत्वपूर्ण फैसले या घोषणा का संकेत देते हैं या नहीं।
सत्र के दौरान जोरदार बहस होने की संभावना है। प्रमुख विपक्षी दल डीएमके और एआईएडीएमके हालिया यौन उत्पीड़न की घटनाओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति, राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिजली कटौती, फसल ऋण माफी योजना तथा राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच विधायकों के इस्तीफों जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में हैं।
विपक्ष के तीखे सवालों और सत्तारूढ़ गठबंधन की जवाबी रणनीति के बीच नई विधानसभा का यह पहला सत्र टीवीके सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।
Source: IANS

