अमेरिका ने ब्रिटेन, डेनमार्क और कुवैत को लगभग 3 अरब डॉलर के हथियार बेचने की मंजूरी दी

वॉशिंगटन, 6 जून । संयुक्त राज्य अमेरिका ने ब्रिटेन, डेनमार्क और कुवैत को लगभग 3 अरब डॉलर के संभावित विदेशी सैन्य सौदों को मंजूरी दे दी है। इनमें लंबी दूरी की मारक मिसाइलें, विमान सुरक्षा प्रणाली और ड्रोन-रोधी प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसकी घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग ने की है।

सबसे बड़ा पैकेज कुवैत के लिए है, जिसे मानवरहित हवाई प्रणालियों (यूएसए) के प्लेटफॉर्म और संबंधित उपकरण खरीदने की मंजूरी मिल गई है, जिसकी अनुमानित लागत 1.98 अरब डॉलर है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा, "प्रस्तावित बिक्री से कुवैत की वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता में सुधार होगा, क्योंकि इससे उसे मानवरहित हवाई प्रणालियों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक और गतिज मारक क्षमताएं मिलेंगी।"

इस पैकेज में रोडरनर-म्यूनिशन और एनविल-काइनेटिक प्लेटफॉर्म, लॉन्च बॉक्स, कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम, सेंट्री टावर, समुद्री सेंट्री टावर, विद्युत चुम्बकीय युद्ध प्रणाली, सामरिक संचालन केंद्र, जनरेटर, प्रशिक्षण, सॉफ्टवेयर विकास और रसद सहायता शामिल हैं।

कुवैत को होने वाली इस बिक्री का मुख्य ठेकेदार कैलिफोर्निया के कोस्टा मेसा स्थित अंदुरिल कंपनी होगी।

एक अलग अधिसूचना में अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उसने डेनमार्क को 200 एजीएम-158 जॉइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइलों (जेएएसएसएम-ईआर) और संबंधित उपकरणों की 842 मिलियन डॉलर की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है।

विदेश विभाग ने कहा, "प्रस्तावित बिक्री डेनमार्क की वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे रॉयल डेनिश वायु सेना (आरडीएएफ) को लंबी दूरी के सटीक हमले करने की क्षमता मिलेगी और आरडीएएफ के एफ-35 विमानों की क्षमता मजबूत होगी। फ्लोरिडा के ऑरलैंडो स्थित लॉकहीड मार्टिन डेनमार्क को होने वाली इस बिक्री का मुख्य ठेकेदार होगा।"

यूनाइटेड किंगडम को भी लगभग 160 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत पर बड़े विमान इन्फ्रारेड काउंटरमेजर और संबंधित उपकरण खरीदने की मंजूरी मिल गई है।

ब्रिटेन के अनुरोध में 36 गार्जियन लेजर टरेट असेंबली और 18 एएन/एएक्यू 24(वी)एन बड़े विमान इन्फ्रारेड काउंटरमेजर सिस्टम प्रोसेसर प्रतिस्थापन के साथ-साथ मिसाइल चेतावनी सेंसर, सहायक उपकरण, सॉफ्टवेयर, स्पेयर पार्ट्स और लॉजिस्टिक्स सहायता शामिल हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, “प्रस्तावित बिक्री से बड़े हवाई प्लेटफार्मों को आधुनिक सुरक्षा प्रदान करके वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए यूनाइटेड किंगडम की क्षमता में सुधार होगा और रॉयल एयर फोर्स की परिचालन तत्परता सुनिश्चित होगी।”

ब्रिटेन को होने वाली इस बिक्री का प्रमुख ठेकेदार वर्जीनिया के आर्लिंगटन स्थित बोइंग कंपनी होगी।

विदेश विभाग ने कहा कि प्रस्तावित बिक्री से संबंधित क्षेत्रों में बुनियादी सैन्य संतुलन में कोई बदलाव नहीं आएगा और अमेरिकी रक्षा तैयारियों पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अमेरिकी विदेश सैन्य बिक्री प्रक्रिया के तहत राजनीतिक-सैन्य मामलों के ब्यूरो द्वारा ये अधिसूचनाएं जारी की गईं। कांग्रेस को अधिसूचना मिलने का मतलब यह नहीं है कि अंतिम अनुबंध पर हस्ताक्षर हो गए हैं, लेकिन इससे प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो जाता है।

Source: IANS

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