पीएम मोदी ने बताया 'जोड़ा साहिब' का इतिहास, प्रवासी भारतीयों से बोले- भारत आएं तो पटना साहिब जरूर जाएं

ऑकलैंड, 11 जुलाई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के दौरे पर भारतीय समुदाय को शनिवार को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने गुरुग्रंथ साहिब, चारों साहिबजादों और उनकी माता गुजरी के शौर्य, साहस, और बलिदान को याद किया। उन्होंने लोगों से पटना साहिब में पवित्र 'जोड़ा साहिब' के दर्शन जरूर करने को कहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत की इस ग्रोथ का एक और पहलू भी है। ये पहलू हमारी विरासत है। भारत जितना महत्व अपनी इकोनॉमी और इकोलॉजी को देता है, उतना ही फोकस अपनी हैरिटेज पर भी करता है। भारत कैसे काम करता है, इसका एक उदाहरण श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप हैं। जब अफगानिस्तान में संकट आया तो हम गुरुग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों को पूरे मान के साथ भारत लेकर आए।"

उन्होंने कहा कि हमारे महान सिख गुरुओं ने पूरी मानवता को सेवा, साहस, समानता और करुणा का संदेश दिया है। दुनिया के हर हिस्से में गुरुद्वारे सेवा के केंद्र हैं। कोई भूखा आए, उसे भोजन, कोई संकट में हो, उसे सहारा मिलता है। इसी माहौल में सिख समुदाय के कुछ लोगों ने बताया था कि श्री हरमंदिर साहिब में सेवा के लिए एफसीआरए से जुड़ी कुछ परेशानियां रही हैं। हमने तुरंत उसका समाधान किया।

पीएम मोदी ने आगे बताया कि आप सभी श्री हेमकुंड साहिब के बारे में भी जानते हैं। हिमालय की ऊंचाइयों पर है, साल का लंबा समय बर्फ की चोटियों से घिरा रहता है। बड़ा कठिन मार्ग है। वहां दर्शन के लिए जाने में हमारे लोगों को सहूलियत हो, इसलिए सरकार हेमकुंड साहिब तक रोपवे भी बनवा रही है। हमारी ही सरकार ने साहिबजादों के शौर्य और बलिदान की अमर स्मृति में 26 दिसंबर को प्रतिवर्ष 'वीर बाल दिवस' मनाना प्रारंभ किया है। आज यह दिवस पूरे देश के लिए प्रेरणा का पर्व बन चुका है। आज केरल से असम तक, चारों साहिबजादों और माता गुजरी के बलिदान के बारे में जानने लगा है।

उन्होंने कहा कि 'वीर बाल दिवस' ने भारत के अनगिनत बच्चों के मन में अटूट साहस का संचार किया है। मैं आपसे पवित्र जोड़ा साहिब की बात भी करना चाहता हूं। मेरी सरकार में मेरे एक साथी हैं, हरदीप पुरी, पुरी परिवार के पूर्वज गुरु गोविंद सिंह जी के सेवादार थे। हरदीप पुरी ने मुझे ये बताया था कि उनके परिवार ने श्री गुरु गोविंद सिंह और माता साहिब कौर जी के 'जोड़ा साहिब' 300 साल से संजोकर रखे हैं।

उन्होंने बताया कि बंटवारे के समय पुरी साहब के परिवार, उनके पूर्वज, उन्हें सुरक्षित दिल्ली ले आए। पवित्र 'जोड़ा साहिब' को उनका परिवार सिख संगत को सौंपना चाहता था, जिससे ज्यादा लोग दर्शन कर सकें। हमने निर्णय लिया कि इन पवित्र 'जोड़ा साहिब' को वहां ले जाया जाए, जहां श्री गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ यानी हमारे श्री पटना साहिब। मुझे खुशी है कि अब ये पवित्र 'जोड़ा साहिब' पटना साहिब की पावन भूमि पर हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि उस पवित्र अवसर का साक्षी बनने का मुझे सौभाग्य मिला था। जब भी भारत जाएं तो पटना साहिब में उनके दर्शन जरूर करें।

Source: IANS

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