भारत ने की सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज देने की घोषणा, पैट्रिक हर्मिनी ने जताया आभार

विक्टोरिया, 28 जून । सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने रविवार को कहा कि हिंद महासागर में सुरक्षा उनके देश और भारत के बीच संबंधों के लिए जरूरी है। उन्होंने घोषणा की कि दोनों देशों ने पाइरेसी, ड्रग ट्रैफिकिंग, गैर-कानूनी मछली पकड़ने और बॉर्डर पार क्राइम से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत बहुत व्यापक और भविष्य को ध्यान में रखने वाली थी। यह बातचीत दोनों देशों के बीच गहरे दोस्ताना संबंधों और आपसी भरोसे को दर्शाती है।

राष्ट्रपति हर्मिनी ने कहा कि भारत और सेशेल्स ने एक बार फिर इस बात को दोहराया है कि दोनों देशों की साझेदारी समान भौगोलिक स्थिति, इतिहास और एक स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच “सस्टेनेबिलिटी, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए संयुक्त विजन” को लागू करने पर विशेष चर्चा हुई, जिसे सेशेल्स ने इस साल पहले अपनाया था। यह ढांचा सभी क्षेत्रों में सहयोग की दिशा तय करता है। उन्होंने भारत के लगातार समर्थन के लिए आभार जताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकास साझेदारी भारत-सेशेल्स संबंधों का एक मजबूत आधार है। दोनों देशों ने कई समझौते किए हैं, जिनसे विदेश सेवा, डिजिटल बैंकिंग, स्वास्थ्य, कृषि, समुद्र विज्ञान, प्रत्यर्पण, अंतरिक्ष अनुसंधान और नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों देश हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैती, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और सीमा पार अपराधों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सेशेल्स ने भारत द्वारा दिए गए समर्थन, जैसे समुद्री निगरानी, हाइड्रोग्राफी और रक्षा क्षमता बढ़ाने की सराहना की।

राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने बताया कि भारत ने सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की है, जिसमें सामाजिक आवास, परिवहन, कौशल विकास, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और आने वाले समय में सहयोग और तेज होगा।

राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि भारत की मदद से एक प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर की नींव रखी गई है, जिससे युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी तीन सोलर पंपिंग सिस्टम शुरू किए गए हैं।

डॉ. हर्मिनी ने विकास साझेदारी को भारत-सेशेल्स संबंधों का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री पड़ोसियों के तौर पर हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा हमारे संबंधों के लिए जरूरी है। हमने भारत के महासागर विजन में सेशेल्स की खास जगह को फिर से सुनिश्चित किया।

सेशेल्स के राष्ट्रपति ने कहा कि पीएम मोदी के साथ उनकी बातचीत ने द्विपक्षीय सहयोग के अगले चरण के लिए एक मजबूत नींव रखी है। हमने खास क्षेत्रों में अपने विकास की समीक्षा किया और अपने कमिटमेंट्स पर एक्शन तेज करने पर सहमत हुए। यह उच्चस्तरीय बातचीत हमारे संबंधों को दी जाने वाली गहरी अहमियत को दिखाती है और यह हमारे द्विपक्षीय सफर में एक लैंडमार्क के तौर पर याद की जाएगी।"

उन्होंने कहा, "प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर का उद्घाटन एक खास मील का पत्थर है। भारत की मदद से चलने वाला यह प्रोजेक्ट युवाओं को वर्ल्ड-क्लास वोकेशनल ट्रेनिंग देगा, जिससे हमारी कैपेसिटी बिल्डिंग मजबूत होगी। इस बदलाव लाने वाली पहल के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का बहुत-बहुत शुक्रगुजार हूं। स्वच्छ ऊर्जा के लिए हमारे साझा वादे में, हमने इंटरनेशनल सोलर अलायंस के तहत तीन सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम का भी उद्घाटन किया, जो सेशेल्स के नवीकरणीय ऊर्जा में बदलाव के लिए भारत के समर्थन का उदाहरण है।"

राष्ट्रपति हार्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को “गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन” की मानद उपाधि दिए जाने की घोषणा की। यह सम्मान उन्हें सतत विकास, समुद्री अर्थव्यवस्था और महासागर संरक्षण में उनके योगदान के लिए दिया गया है।

Source: IANS

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