ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में 3,500 मरीन सैनिक तैनात किए

न्यूयॉर्क, 29 मार्च। ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, करीब 3,500 मरीन और नाविकों का एक दल मध्य पूर्व पहुंच चुका है।  

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संक्षिप्त पोस्ट में कहा, यूएसएस ट्रिपोली पर सवार नाविक और मरीन 27 मार्च को यूएस सेंट्रल कमांड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में पहुंच गए।

सेंटकॉम ने बताया कि यह जहाज अमेरिका की ‘अमेरिका-क्लास’ का एक बड़ा हमला करने वाला युद्धपोत है, जो ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट का मुख्य जहाज है। इस पूरे दल में करीब 3,500 सैनिक शामिल हैं। इनके पास लड़ाकू विमान, हमले करने वाले हेलीकॉप्टर और समुद्र व जमीन दोनों जगह ऑपरेशन करने की क्षमता है।

यह तैनाती अमेरिका की उस बड़ी सैन्य तैयारी का हिस्सा है, जो ईरान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए की जा रही है। इस तरह की फोर्स को जल्दी कार्रवाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे अहम जगहों पर कब्जा करना, लोगों को सुरक्षित निकालना या समुद्र किनारे हमले करना।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार को पहले रिपोर्ट दी थी कि पेंटागन मध्य पूर्व में 10,000 तक अतिरिक्त जमीन सैनिकों को तैनात करने पर विचार कर रहा है, ताकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कूटनीति के अलावा सैन्य विकल्प भी रहें।

इन नए सैनिकों में पैदल सेना और बख्तरबंद गाड़ियां शामिल हो सकती हैं। इन्हें उन करीब 5,000 मरीन और हजारों पैराट्रूपर्स के साथ शामिल किया जाएगा, जिन्हें पहले ही इस इलाके में भेजने का आदेश दिया जा चुका है।

हालांकि यह साफ नहीं है कि इन सैनिकों को मध्य पूर्व में ठीक किस जगह तैनात किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि इन्हें ईरान और उसके खार्ग द्वीप के पास रखा जा सकता है। खार्ग द्वीप ईरान के लिए बहुत अहम है, क्योंकि यहां से बड़े पैमाने पर तेल का निर्यात होता है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement