तय जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करना जरूरी: मसूद पेजेश्कियन

तेहरान, 23 जून । ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के अनुसार अमेरिका के साथ शांति वार्ता की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि "तय की गई जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन" किया जाए। बर्गेनस्टॉक टॉक्स को लेकर ईरान 'प्रतिबद्धता के बदले प्रतिबद्धता सिद्धांत' की मांग करता आया है।

पेजेश्कियन ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में दायित्वों, जिम्मेदारियों और संकल्प की बात कही। उन्होंने लिखा, "वार्ता की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि जिन दायित्वों पर सहमति जताई है, उनका पालन पूरी निष्ठा से किया जाए। पूर्ण प्रतिबद्धता दिखाई जाए।”

उन्होंने आगे कहा, “इस दिशा में प्रगति का आकलन स्वीकृत जिम्मेदारियों के व्यावहारिक अनुपालन के आधार पर किया जाएगा। सहमत टेक्स्ट से बाहर दिए गए बयान वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करते।”

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका संकेत किस बयान की ओर था। लेकिन पिछले 48 घंटों में डोनाल्ड ट्रंप ने कई ऐसी टिप्पणियां की हैं जिनका ईरानी अधिकारियों ने खंडन किया है। इनमें यह दावा भी शामिल है कि ईरान परमाणु निरीक्षणों (न्यूक्लियर इंस्पेक्शन्स) की अनुमति देने पर सहमत हो गया है और यह कि ईरान को जारी किए जाने वाले किसी भी धन का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद के लिए किया जाएगा।

इस बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष बाघेर गालीबाफ ने बातचीत को भी संघर्ष का ही एक हिस्सा बताया। स्विट्जरलैंड से लौटते हुए, उन्होंने विमान में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "युद्ध के मैदान में मिली सफलता तब तक स्थायी राजनीतिक और कानूनी उपलब्धि नहीं बनती, जब तक उसे कूटनीति के जरिए आगे नहीं बढ़ाया जाए।"

गालीबाफ बोले, "बातचीत भी लड़ाई का एक तरीका है और संघर्ष को आगे बढ़ाने का जरिया है। ईरान वार्ता को कमजोरी नहीं, बल्कि अपने हितों की रक्षा के लिए अपनाई गई रणनीति के रूप में देखता है।"

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा। इस अहम समुद्री मार्ग का प्रबंधन आगे ईरान अपने तरीके से करेगा, हालांकि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जारी रहेगा।

स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ तकनीकी वार्ता के पहले दौर के बाद गालिबाफ ने दोहराया कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है। गालीबाफ ने कहा, "हमने कभी अमेरिकियों पर भरोसा नहीं किया, आज भी नहीं करते और भविष्य में भी सावधान रहना ही समझदारी होगी।"

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement