Teheran
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शनिवार को दावा किया कि उसने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और केंद्रों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले किए हैं।।
ईरान के एक शीर्ष सैन्य सलाहकार ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ अगले दो से तीन दिनों तक युद्ध जारी रखता है, तो देश आक्रामक और विनाशकारी दौर में चला जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी दिखाई देने लगा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
ईरान और अमेरिका के बीच हवाई हमले बढ़ गए हैं। टकराव की रफ्तार में इजाफा पूरी दुनिया के लिए चिंता की वजह बना हुआ है।
ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने दिवंगत पिता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद सार्वजनिक संदेश जारी किया है। टेलीग्राम और इसके साथ ही आधिकारिक वेबसाइट 'रहबर डॉट आईआर' पर भी शोक संदेश पोस्ट किया।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई गुरुवार को सुपुर्द-ए-खाक होंगे। खामेनेई का पार्थिव शरीर इराक से ईरान के मशहद पहुंचाया गया।
ईरान ने बुधवार को अमेरिका द्वारा ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी राहत वापस लेने के फैसले की कड़ी निंदा की। तेहरान ने इसे 18 जून को हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुच्छेद 10 का "स्पष्ट उल्लंघन" बताया और इस निर्णय के परिणामों के लिए वॉशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया।
मध्य पूर्व के हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने तेल प्रतिबंधों में मिली छूट को रद्द करने के अमेरिकी फैसले की कड़ी निंदा की है। ईरान ने इसे इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के आर्टिकल 10 का गंभीर उल्लंघन बताया है।
मध्य-पूर्व एशिया में फिलहाल शांति है, लेकिन यूएस-ईरान के बीच हाल ही में हुआ समझौता कितने दिन तक कायम रहेगा, इसे लेकर असमंजस बरकरार है। इसकी एक अहम वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फिर ईरान की ओर से दिए जा रहे जवाब माने जा रहे हैं।
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