Teheran
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के अनुसार अमेरिका के साथ शांति वार्ता की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि "तय की गई जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन" किया जाए। बर्गेनस्टॉक टॉक्स को लेकर ईरान 'प्रतिबद्धता के बदले प्रतिबद्धता सिद्धांत' की मांग करता आया है।
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में अगले चरण की बातचीत के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इकट्ठा हुए। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अमेरिका की धमकियों के बाद ईरान ने स्विट्जरलैंड में चल रही बातचीत में अमेरिका, कतर और पाकिस्तान के साथ चार-पक्षीय बातचीत में अपनी भागीदारी रोक दी है।
बर्गेनस्टॉक टॉक्स के बीच ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा अरेफ ने "सकारात्मक परिणाम" की उम्मीद जगाई है। उनका मानना है कि स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ताओं का नतीजा अच्छा ही होगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि स्विट्जरलैंड में जारी कूटनीतिक बातचीत के तहत एक प्रारंभिक समझौते के अंतर्गत कतर में रखे गए ईरान के लगभग 6 अरब डॉलर के फ्रीज्ड फंड को वापस किया जाएगा।
ईरान ने शनिवार को एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने की घोषणा की। ईरान ने इस कदम के पीछे अमेरिका और इजरायल पर हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि स्विट्जरलैंड में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली मीटिंग टाल दी गई है। आने वाले दिनों में एक और बैठक की योजना बनाई जा रही है।
ईरान की शीर्ष सुरक्षा संस्था ने घोषणा की है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के आवागमन से जुड़े अनुरोधों के त्वरित निपटारे का आदेश जारी किया है। यह कदम तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के उद्देश्यों के अनुरूप लिया गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष के बाद अब शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते पर बातचीत का नया दौर शुक्रवार से शुरू होगा।
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगाया नौसैनिक प्रतिबंध हटा लिया है। तेहरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने कहा, “शुरुआत से ही हम इस बात पर जोर दे रहे थे कि प्रतिबंध हटना चाहिए।
अमेरिका-ईरान शांति समझौता जिनेवा में 19 जून को संपन्न होगा। समझौते का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कर चुके हैं, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ संसद में बोल चुके हैं तो ईरान ने भी पहली प्रतिक्रिया स्वरूप एमओयू को लेकर सकारात्मक बयान दिया।
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