दिल्ली: साकेत में इमारत गिरने से अब तक 2 लोगों की मौत, एम्स ट्रॉमा सेंटर में घायलों का इलाज जारी

नई दिल्ली, 31 मई । दक्षिण दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक कमर्शियल बिल्डिंग गिरने से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी है।

जानकारी सामने आई कि दिल्ली स्थिति एम्स ट्रॉमा सेंटर में 10 मरीजों को लाया गया था। तीन की हालत गंभीर है, जिनका इलाज जारी है। 5 अन्य लोगों को चोटें लगी हैं, जिन हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। बताया गया है कि दो मरीजों को मृत अवस्था में एम्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया।

एनडीआरएफ के कमांडेंट सुनील कुमार सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, "घटना की सूचना मिलने के बाद हमने एनडीआरएफ की दो टीमें यहां पर भेजी थीं। यहां पहुंचने पर पता चला कि एक बड़ी इमारत थी, जो गिर चुकी है। इस इमारत में एक रेस्टोरेंट भी था, जिस पर पूरा मलबा गिरा है। आशंका हैं कि वहां कुछ लोग दबे हो सकते हैं।"

उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ के पहुंचने से पहले 4 लोगों को निकाला जा चुका था। बाद में रेक्स्यू के दौरान हमारी टीमों ने 5 अन्य लोगों को भी मलबे से बाहर निकाला। मलबा बहुत अधिक है। जैसे-जैसे मलबा हटेगा, वैसे-वैसे हमारी सर्च आगे जारी रहेगी। कमांडेंट सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मलबा हटाने के लिए प्रशासन ने मशीनें लगाई हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली पुलिस, सिविल डिफेंस यूनिट और एम्बुलेंस समेत अन्य बचाव दल अभियान में शामिल हैं। दिल्ली फायर सर्विसेज (डीएफएस) के अधिकारियों ने बताया कि 8 लोग फिलहाल एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज करवा रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति को ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर ने 'मृत अवस्था में लाया गया' घोषित कर दिया।

यह इमारत, जिसमें एक ग्राउंड फ्लोर और तीन अतिरिक्त मंजिलें निर्माणाधीन थीं, पास में ही बनी एक टिन-शेड वाली कैंटीन पर गिर गई, जहां बच्चे खाना खा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा शनिवार शाम करीब 6 बजे हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अधिकारी अभी तक इमारत गिरने के सही कारण का पता नहीं लगा पाए हैं।

Source: IANS

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