मई में जीएसटी कलेक्शन करीब 2 लाख करोड़ का पहुंचा, पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद राजस्व में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि
सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद मई में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।।

नई दिल्ली, 1 जून । सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद मई में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
आंकड़ों के मुताबिक, मई में कुल सकल जीएसटी राजस्व (ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू) 1,94,184 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 1,88,172 करोड़ रुपए था। वहीं, कुल शुद्ध जीएसटी राजस्व (कुल नेट जीएसटी रेवेन्यू) बढ़कर 1,66,904 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.3 प्रतिशत अधिक है।
महीने के दौरान कुल रिफंड 2.6 प्रतिशत बढ़कर 27,281 करोड़ रुपए हो गया।
रिफंड को समायोजित करने के बाद मई 2026 में सकल जीएसटी राजस्व वृद्धि लगभग 9 प्रतिशत रही, जबकि समायोजित घरेलू सकल जीएसटी वृद्धि करीब 5 प्रतिशत आंकी गई।
मई में सकल घरेलू जीएसटी राजस्व 1,34,530 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले की तुलना में 2.6 प्रतिशत कम है।
वहीं, आयात से प्राप्त सकल जीएसटी राजस्व में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह सालाना आधार पर 19.1 प्रतिशत बढ़कर 59,654 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो आयात-आधारित कर संग्रह की मजबूती को दर्शाता है।
पिछले वर्ष दर्ज एकमुश्त भुगतान के प्रभाव को हटाने के बाद मई में समायोजित शुद्ध जीएसटी राजस्व वृद्धि लगभग 10 प्रतिशत रही।
वर्तमान वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में सकल जीएसटी संग्रह 6.2 प्रतिशत बढ़कर 4.37 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि शुद्ध जीएसटी राजस्व 5.5 प्रतिशत बढ़कर 3.78 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।
इसके अलावा, मई 2025 के जीएसटी संग्रह में एक दूरसंचार कंपनी द्वारा स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए किया गया लगभग 10,000 करोड़ रुपए का एकमुश्त भुगतान भी शामिल था।
गौरतलब है कि अप्रैल में जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,42,702 करोड़ रुपए पर पहुंच गया था। वहीं, रिफंड समायोजन के बाद अप्रैल का शुद्ध जीएसटी राजस्व 2,10,909 करोड़ रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों यानी अप्रैल और मई के दौरान कुल सकल जीएसटी संग्रह 4.37 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 4.11 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 6.2 प्रतिशत अधिक है। नेट जीएसटी संग्रह भी 5.5 प्रतिशत बढ़कर 3.78 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। सरकार के अनुसार, यह प्रदर्शन पूरे वर्ष के जीएसटी राजस्व लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सकारात्मक संकेत देता है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल 2026-27 में वस्तुओं से जुड़ी कर योग्य आपूर्ति में 26.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि सभी 27 प्रमुख वस्तु श्रेणियों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली। इससे स्पष्ट है कि घरेलू मांग व्यापक स्तर पर मजबूत बनी हुई है।
सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कर योग्य सेवा आपूर्ति में 22.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और सभी प्रमुख सेवा श्रेणियों में सकारात्मक बढ़ोतरी देखने को मिली। यह देश की खपत-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती और सेवा क्षेत्र की स्थिरता को दर्शाता है।
राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई बड़े राज्यों ने मजबूत वृद्धि दर्ज की। मई में कर्नाटक के एसजीएसटी संग्रह में 11 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 11 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 9 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। केरल ने 19 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि गुजरात का संग्रह 3 प्रतिशत बढ़ा।
आईजीएसटी सेटलमेंट के बाद भी कई राज्यों का प्रदर्शन और बेहतर रहा। कर्नाटक में एसजीएसटी राजस्व 17 प्रतिशत, गुजरात और आंध्र प्रदेश में 16-16 प्रतिशत, केरल में 15 प्रतिशत और तेलंगाना में 14 प्रतिशत बढ़ा। हरियाणा ने 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।
Source: IANS

