अदाणी पोर्टफोलियो ने वित्त वर्ष 2026 में किया करीब 1.53 लाख करोड़ रुपए का पूंजीगत निवेश, किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट द्वारा अब तक का सबसे अधिक वार्षिक कैपेक्स
अदाणी पोर्टफोलियो ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 में 1,52,967 करोड़ रुपए (16.1 अरब डॉलर) का पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) किया, जो किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट समूह द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक निवेश है। और इस तरह तेज निवेश चक्र के चलते समूह का कुल परिसंपत्ति आधार बढ़कर 7,85,098 करोड़ रुपए (82.2 अरब डॉलर) हो गया है।

अहमदाबाद, 2 जून । अदाणी पोर्टफोलियो ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 में 1,52,967 करोड़ रुपए (16.1 अरब डॉलर) का पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) किया, जो किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट समूह द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक निवेश है। और इस तरह तेज निवेश चक्र के चलते समूह का कुल परिसंपत्ति आधार बढ़कर 7,85,098 करोड़ रुपए (82.2 अरब डॉलर) हो गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में समूह का ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) बढ़कर रिकॉर्ड 94,834 करोड़ रुपए (10 अरब डॉलर) पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.6 प्रतिशत अधिक है। इसमें मुख्य बुनियादी ढांचा कारोबार का योगदान 87 प्रतिशत रहा।
भारत के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी पोर्टफोलियो के अनुसार, कुल निवेश का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा ऊर्जा, यूटिलिटी, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसे मुख्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में लगाया गया।
समूह के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक उसके पास 55,852 करोड़ रुपए (5.9 अरब डॉलर) की नकदी उपलब्ध थी, जो उसके कुल सकल ऋण का लगभग 15 प्रतिशत है, जबकि लगातार बेहतर क्रेडिट रेटिंग मिलने के कारण उधारी की लागत दो वर्ष पहले के 9 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.8 प्रतिशत रह गई।
कंपनी ने कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 अदाणी पोर्टफोलियो के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है, क्योंकि इसी दौरान समूह की कंपनियों ने अपने अगले चरण के पूंजीगत निवेश चक्र की शुरुआत की। इस वर्ष किया गया निवेश लगभग उतना ही है जितनी परिसंपत्तियां समूह ने अपने शुरुआती 25 वर्षों में तैयार की थीं। यह भारत में उपलब्ध बुनियादी ढांचा अवसरों और समूह के दीर्घकालिक विकास पर उसके भरोसे को दर्शाता है।"
वित्त वर्ष 2025-26 और उसके बाद कई रणनीतिक परियोजनाएं परिचालन में आईं। इनमें ऊर्जा और यूटिलिटी क्षेत्र में 5.1 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तथा 1.38 गीगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली शामिल हैं, जिसे अब बढ़ाकर 3.37 गीगावाट-घंटा कर दिया गया है।
परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, गुवाहाटी टर्मिनल और अप्रैल 2026 में शुरू हुआ गंगा एक्सप्रेसवे और प्राथमिक उद्योग क्षेत्र में कॉपर स्मेल्टर (तांबा गलाने का संयंत्र) शामिल हैं।
कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में ये परियोजनाएं राजस्व, लाभ और नकदी प्रवाह बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
अदाणी पोर्टफोलियो की कंपनियां वित्तीय अनुशासन बनाए हुए हैं। समूह स्तर पर नेट डेट टू ईबीआईटीडीए अनुपात 3.3 गुना रहा, जो निर्धारित 3.5 गुना के लक्ष्य से कम है।
कंपनी ने बताया कि उसकी परिसंपत्तियों के वित्तपोषण में इक्विटी की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है, जो अभी भी मुख्य वित्तीय स्रोत बनी हुई है।
पिछले वित्त वर्ष में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने राइट्स इश्यू के जरिए 24,930 करोड़ रुपए जुटाए, जिससे कंपनी की इक्विटी स्थिति और मजबूत हुई।
इसी दौरान समूह के आठ हवाई अड्डों पर कुल 9.53 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। वहीं अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) की मॉड्यूल बिक्री 15 प्रतिशत बढ़कर 4,904 मेगावाट हो गई।
अदाणी ग्रीन एनर्जी की परिचालन क्षमता वित्त वर्ष 2025-26 में 5.1 गीगावाट बढ़कर 19.3 गीगावाट हो गई।
गुजरात के खावड़ा में बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) की क्षमता वित्त वर्ष 2026 के अंत में 1.38 गीगावाट-घंटा थी, जिसे बढ़ाकर 3.37 गीगावाट-घंटा कर दिया गया, जो एक ही स्थान पर सबसे बड़े परियोजनाओं में से एक है।
वहीं अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने 71,779 करोड़ रुपए की निर्माणाधीन ट्रांसमिशन परियोजनाओं के साथ 1 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का आंकड़ा भी पार कर लिया है।
कंपनी के बयान के अनुसार, अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड का कार्गो हैंडलिंग वॉल्यूम वित्त वर्ष 2025-26 में 11 प्रतिशत बढ़कर 500.8 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) पहुंच गया।
इसके अलावा कंपनी ने दिसंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया की एनक्यूएक्सटी का अधिग्रहण भी पूरा किया, जिसकी क्षमता 50 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) है।
Source: IANS
