12 साल बाद आंध्र प्रदेश को मिले वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड, तेलंगाना वक्फ बोर्ड ने सौंपी हजारों फाइलें

अमरावती, 17 जुलाई । आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभाजन के करीब 12 साल बाद वक्फ संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर लंबा विवाद समाप्त हो गया है। तेलंगाना राज्य वक्फ बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को राज्य की वक्फ संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड सौंप दिए हैं।

आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने शुक्रवार को बताया कि तेलंगाना वक्फ बोर्ड ने 3,503 फाइलें, सर्वे आयुक्त की 4,050 रिपोर्टें, दो सरकारी गजट खंड और कई अन्य ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को सौंपे हैं।

उन्होंने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड का हस्तांतरण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इन दस्तावेजों के मिलने से आंध्र प्रदेश को वक्फ संपत्तियों के अधिकारों की सुरक्षा और कानूनी दावों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य वापस मिल गए हैं।

साल 2014 में संयुक्त आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, फाइलें, सर्वे दस्तावेज, जिला-वार गजट, बोर्ड के प्रस्तावों की प्रतियां और अन्य जरूरी अभिलेख तेलंगाना वक्फ बोर्ड के पास ही रह गए थे।

हालांकि वक्फ अधिनियम, 1995 और केंद्र सरकार द्वारा तय विभाजन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार आंध्र प्रदेश से जुड़े सभी रिकॉर्ड, संपत्ति का विवरण और संबंधित धनराशि आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित किया जाना था, लेकिन यह प्रक्रिया कई वर्षों तक लंबित रही।

अब्दुल अजीज ने बताया कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, स्वामित्व का निर्धारण, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और अदालतों में चल रहे मामलों की प्रभावी पैरवी जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे।

उन्होंने कहा कि अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी और तेलंगाना वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद लगातार प्रयासों से इस समस्या का समाधान कराया।

अब्दुल अजीज ने यह भी बताया कि तेलंगाना वक्फ बोर्ड पर आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के 55 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिन्हें भी जल्द जारी किए जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड मिलने से वक्फ संपत्तियों की कानूनी मान्यता मजबूत होगी, संपत्तियों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी, न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे में मदद मिलेगी और भविष्य में प्रशासनिक कार्यों को भी गति मिलेगी।

उन्होंने इस 12 साल पुराने विवाद के समाधान के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मंत्री नारा लोकेश और एन.एम.डी. फारूक के सहयोग की सराहना की। साथ ही तेलंगाना सरकार, तेलंगाना वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, अधिकारियों और इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

Source: IANS

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