सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लोन फ्रॉड मामले में दाखिल की दूसरी चार्जशीट

नई दिल्ली, 17 जुलाई । सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) लोन फ्रॉड मामले में शुक्रवार को दूसरी चार्जशीट दाखिल की। इसमें एक कंपनी और उसके दो निदेशकों को फंड डायवर्जन (धन की हेराफेरी) से जुड़े मामले में आपराधिक साजिश, आपराधिक गबन और धोखाधड़ी के आरोपों में नामजद किया गया है।

यह चार्जशीट मुंबई स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में रिलायंस इन्फोकॉम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड) और उसके दो निदेशकों अनिल काल्या और टुनू साहू के खिलाफ दाखिल की गई है।

सीबीआई के अनुसार, जांच में पता चला है कि नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का कथित तौर पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा एक पास-थ्रू एंटिटी के रूप में इस्तेमाल किया गया।

एजेंसी का आरोप है कि इस माध्यम से जानबूझकर फंड डायवर्ट किए गए, जिससे कर्ज देने वाले बैंकों को गलत तरीके से वित्तीय नुकसान पहुंचा, जबकि आरोपियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं को अनुचित लाभ मिला।

जांच एजेंसी ने बताया कि यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।

एफआईआर के अनुसार, इस मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल जोखिम (एक्सपोजर) 19,694.33 करोड़ रुपए का है।

सीबीआई ने अपने बयान में कहा, "यह उल्लेखनीय है कि यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से प्राप्त शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। एफआईआर के अनुसार, इस मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल एक्सपोजर 19,694.33 करोड़ रुपए है।"

इससे पहले 29 मई को सीबीआई ने इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल थे।

जांच एजेंसी ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी रहेगी, ताकि अन्य आरोपियों की भूमिका और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सके।

सीबीआई ने यह भी बताया कि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) से मिली शिकायतों के आधार पर अब तक 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

Source: IANS

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