कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सपाट बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स दिन के हाई से 0.50 प्रतिशत फिसला

मुंबई, 16 जुलाई । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ।

इस दौरान, निफ्टी 50 में 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,072.75 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 1.44 अंक बढ़कर 77,186.87 पर बंद हुआ।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,185.43 से 203 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,388.42 पर खुला और एक समय यह 394.26 अंकों या 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,579.69 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। यानी दिन के हाई से यह 392.82 अंक यानी 0.50 प्रतिशत गिर गया।

वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,078.50 से 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,142.10 पर खुला और दिन के कारोबार के दौरान यह 108 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,186.50 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया था। यानी दिन के उच्चतम स्तर से यह 114 अंक गिर गया।

इस बीच, लगभग 1,947 शेयरों में तेजी, 2,119 शेयरों में गिरावट और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

व्यापक बाजारों में, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

प्रमुख सूचकांक दिन भर बढ़त के साथ बने रहे, लेकिन दूसरे आधे हिस्से में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे उनमें गिरावट आई।

क्षेत्रीय सूचकांकों में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरा, जिसमें 1.48 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, इसके बाद निफ्टी मीडिया (1.18 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.67 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (0.46 प्रतिशत) का स्थान रहा। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी में 0.25 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई।

जबकि इसके विपरीत, निफ्टी रियल्टी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा, जिसमें 0.98 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.46 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी मेटल (-0.33 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.31 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.30 प्रतिशत) में भी गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी 50 इंडेक्स में, एचसीएल टेक, इंडिगो, विप्रो, मारुति, बजाज फाइनेंस और एमएंडएम के शेयर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि इसके विपरीत इटरनल, एसबीआई लाइफ, बजाज फिनसर्व, बीईएल और एचडीएफसी बैंक के शेयर टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि निवेशक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजारों के कमजोर संकेतों के चलते सतर्क नजर आए। महंगाई को लेकर बनी चिंताओं का असर वित्तीय (फाइनेंशियल) और रियल्टी शेयरों पर देखने को मिला। हालांकि, चुनिंदा पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) दोबारा लागू किए जाने और बेहतर तिमाही नतीजों के दम पर केमिकल सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया।

वहीं, अमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़े आने से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं कुछ कम हुईं, जिससे बाजार को निचले स्तरों पर सहारा मिला। आगे चलकर निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, प्रबंधन की भविष्य की रणनीति (मैनेजमेंट कमेंट्री) और मानसून की प्रगति पर रहेगी। इसके अलावा, वैश्विक घटनाक्रम और महंगाई से जुड़े संकेत भी आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

Source: IANS

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