वैश्विक टेक सेक्टर में 2026 में गईं 1.63 लाख से ज्यादा नौकरियां, एआई के चलते बढ़ी छंटनी की रफ्तार: रिपोर्ट
वैश्विक टेक्नोलॉजी उद्योग में इस साल छंटनी का दौर लगातार जारी है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक दुनिया भर की टेक कंपनियां 1.63 लाख से अधिक कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं।

नई दिल्ली, 8 अगस्त । वैश्विक टेक्नोलॉजी उद्योग में इस साल छंटनी का दौर लगातार जारी है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक दुनिया भर की टेक कंपनियां 1.63 लाख से अधिक कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। इनमें से बड़ी संख्या में नौकरियां ऐसी हैं, जहां कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को प्रमुख कारणों में से एक बताया है।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में अब तक कुल 1,63,427 कर्मचारियों की छंटनी की गई है, जिनमें से 91,215 नौकरियों पर एआई का सीधा या परोक्ष प्रभाव बताया गया है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां तेजी से ऑटोमेशन और एआई तकनीकों को अपनाते हुए अपने कार्यबल का पुनर्गठन कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में क्लाउड और सास कंपनियां रहीं, जहां 37,492 कर्मचारियों की छंटनी हुई। इसके बाद ई-कॉमर्स और मार्केटप्लेस सेक्टर में 22,633, आईटी सेवाओं में 16,756 और सोशल मीडिया कंपनियों में 13,592 नौकरियां समाप्त की गईं। एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सेक्टर में भी कुल छंटनी का करीब 8.14 प्रतिशत हिस्सा रहा।
एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सेक्टर में हुई छंटनी का सबसे बड़ा प्रभाव अमेरिका में देखने को मिला। इस क्षेत्र में हुई कुल छंटनी का लगभग 88.6 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी कंपनियों से जुड़ा रहा। वैश्विक स्तर पर दर्ज 13,308 छंटनियों में से 11,792 केवल अमेरिकी कंपनियों में हुईं।
अमेरिकी कंपनियों में सिस्को ने सबसे ज्यादा 4,000 कर्मचारियों की छंटनी की। इसके बाद एमडॉक्स ने 2,900 और ऑटोडेस्क ने 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला।
एशिया और मध्य पूर्व में भी तकनीकी क्षेत्र की छंटनी का असर दिखाई दिया। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल इस क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावित देशों में रहा, जबकि उसके बाद भारत और सिंगापुर का स्थान रहा। छंटनी की यह प्रक्रिया एआई स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स कंपनियों और साइबर सुरक्षा फर्मों सहित कई क्षेत्रों में फैली हुई है।
इजरायल की वर्कप्लेस सॉफ्टवेयर कंपनी मंडे डॉट कॉम ने 22 जुलाई 2026 को अपने वैश्विक वर्कफोर्स में लगभग 20 प्रतिशत कटौती करने की घोषणा की थी, जिसके तहत करीब 620 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया। कंपनी ने कहा कि यह कदम उसके एआई वर्क प्लेटफॉर्म के अनुरूप संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में सबसे आक्रामक रूप से कर्मचारियों की छंटनी करने वाली कंपनी ओरेकल रही है। कंपनी जनवरी से अब तक विभिन्न चरणों में 25,254 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है। हालांकि कर्मचारियों की संख्या कम करने की प्रक्रिया 2025 के अंत में ही शुरू हो गई थी, लेकिन मार्च 2026 में अमेरिका, भारत, कनाडा और मैक्सिको में बड़े पैमाने पर छंटनी की गई।
कनाडा की सूचना प्रबंधन सॉफ्टवेयर कंपनी ओपनटेक्स्ट ने भी जुलाई 2026 में अपने वैश्विक कार्यबल के लगभग 2 प्रतिशत यानी करीब 400 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की। कंपनी ने इसे संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा बताया।
सिस्को ने कहा कि छंटनी से जुड़ी लगभग 1 अरब डॉलर की पुनर्गठन लागत को उसकी एआई रणनीति को आगे बढ़ाने में लगाया जाएगा। वहीं मंडे डॉट कॉम ने भी कर्मचारियों की संख्या घटाने को अपने एआई-केंद्रित बदलाव से जोड़ा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि निवेशकों ने इन फैसलों का सकारात्मक स्वागत किया। सिस्को के शेयरों में आफ्टर-आवर्स कारोबार में 17 प्रतिशत की तेजी आई, मंडे डॉट कॉम के शेयर 2.3 प्रतिशत चढ़े और सर्विसनाउ के शेयरों में अगले सप्ताह करीब 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की विश्लेषक स्टानिस्लावा सविशेवा ने कहा कि आजकल बाजारों में एआई-आधारित पुनर्गठन को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, "निवेशकों के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी अब अनुशासित प्रबंधन का संकेत बनती जा रही है, बशर्ते कंपनी इसे एआई रणनीति और भविष्य की दक्षता से जोड़कर पेश करे।"
Source: IANS

