बाजार की पाठशाला: रिटायरमेंट के बाद चाहिए प्रतिमाह 50,000 रुपये की इनकम? जानिए कितना करना होगा निवेश
रिटायरमेंट प्लानिंग केवल बचत जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा फंड तैयार करना भी जरूरी है जो नौकरी के बाद नियमित आय देता रहे।
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर । रिटायरमेंट प्लानिंग केवल बचत जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा फंड तैयार करना भी जरूरी है जो नौकरी के बाद नियमित आय देता रहे। बढ़ती महंगाई और लंबी जीवन प्रत्याशा को देखते हुए वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट के लिए जल्द से जल्द निवेश शुरू करना चाहिए।
रिटायरमेंट के बाद नियमित आय पाने के लिए सिस्टमेटिक विदड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) एक लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। इसके जरिए निवेशक अपना मूल निवेश बनाए रखते हुए हर महीने या तिमाही एक निश्चित राशि निकाल सकते हैं। यही कारण है कि कई सेवानिवृत्त लोग अपनी मासिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, रिटायरमेंट फंड तय करने से पहले अपनी जीवनशैली, परिवार की जरूरतों, स्वास्थ्य खर्च, महंगाई और भविष्य की अन्य आवश्यकताओं का आकलन करना जरूरी है। एक सामान्य नियम यह भी माना जाता है कि रिटायरमेंट कॉर्पस का अनुमान लगाने के लिए मौजूदा मासिक खर्च का लगभग 300 गुना फंड तैयार होना चाहिए।
निवेशकों को अपनी उम्र, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार इक्विटी, पीपीएफ, ईपीएफ, एनपीएस, बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों का मिश्रण चुनना चाहिए। साथ ही आपातकालीन फंड और बीमा की व्यवस्था भी अलग से रखनी चाहिए ताकि अचानक आने वाले खर्चों से रिटायरमेंट फंड प्रभावित न हो।
अब अगर किसी को रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50,000 रुपए का इनकम चाहिए, तो उसे हर महीने कितने रुपए का निवेश करना होगा और कैसे निवेश की प्लानिंग करनी होगी, चलिए जानते हैं।
यदि कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50,000 रुपए की आय चाहता है और उसकी जीवन प्रत्याशा 85 वर्ष मानी जाए, जबकि महंगाई की दर 6 प्रतिशत और निवेश पर औसत रिटर्न 12 प्रतिशत रहे, तो आवश्यक निवेश उम्र के अनुसार बदलता है।
यदि कोई व्यक्ति 20 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करता है और 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होना चाहता है, तो उसे लगभग 13,114 रुपए प्रति माह निवेश करना होगा। इससे करीब 15.42 करोड़ रुपए का कॉर्पस तैयार हो सकता है। वहीं 25 वर्ष की उम्र में शुरुआत करने पर हर महीने लगभग 17,928 रुपए का निवेश करना होगा, जिससे करीब 11.52 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो सकता है।
वहीं, यदि निवेश की शुरुआत 30 वर्ष की उम्र में की जाए तो मासिक निवेश बढ़कर लगभग 24,650 हो जाएगा और अनुमानित कॉर्पस 8.61 करोड़ रुपए रहेगा। इसी तरह 35 वर्ष की उम्र में शुरुआत करने वालों को करीब 34,265 रुपए प्रति माह निवेश करना होगा, जिससे लगभग 6.43 करोड़ रुपए का कॉर्पस तैयार होगा।
वहीं, अगर कोई व्यक्ति 40 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करता है, तो उसे लगभग 48,630 रुपए प्रति माह निवेश करना पड़ेगा और तब तक करीब 4.81 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो सकता है।
ये गणनाएं इस धारणा पर आधारित हैं कि निवेश को रिटायरमेंट के बाद भी जारी रखा जाएगा और उस पर लगभग 6 प्रतिशत रिटर्न मिलता रहेगा।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण बात जल्दी शुरुआत करना है, क्योंकि समय जितना लंबा होगा, कंपाउंडिंग का फायदा उतना अधिक मिलेगा और लक्ष्य हासिल करने के लिए मासिक निवेश का दबाव उतना कम रहेगा।
Source: IANS