अगले चार वर्षों में करीब 50 प्रतिशत बढ़ जाएगा पैकेज्ड फूड एंड बेवरेज मार्केट, क्विक कॉमर्स से मिलेगा सपोर्ट: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 19 मार्च। भारत का पैकेज्ड फूड एंड बेवरेज मार्केट अगले चार वर्षों में 2030 तक 50 प्रतिशत बढ़कर करीब 150 अरब डॉलर का हो जाएगा, जो कि फिलहाल 100 अरब डॉलर के आसपास है। इस वृद्धि को क्विक कॉमर्स से सपोर्ट मिलेगा। यह जानकारी गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट में दी गई। 

रेडसीर की रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले क्विक कॉमर्स सेगमेंट की सकल व्यापार मूल्य (जीएमवी) वर्तमान में 4 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 25 बिलियन डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण गति, सुविधा और उच्च आवृत्ति उपभोग की बढ़ती मांग है।

क्विक कॉमर्स अब केवल लास्ट मिनट में ऑर्डर पूरा करने वाले चैनल से कहीं अधिक विकसित हो चुका है और रोजमर्रा की खरीदारी के व्यवहार को तेजी से प्रभावित कर रहा है। 

250 से अधिक शहरों में 5 करोड़ से अधिक मासिक उपयोगकर्ताओं के साथ, पैकेज्ड फूड एंड बेवरेज मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 2030 तक लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 15-20 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

रेडसीर स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर मृगांक गुटगुटिया ने कहा, "पैकेज्ड फूड और बेवरेज मार्केट में क्विक कॉमर्स एक संरचनात्मक शक्ति के रूप में उभर रहा है," और उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोडक्ट इनोवेशन, कैटेगरी स्ट्रेटेजी और निवेश निर्णयों को प्रभावित कर रहा है।

रिपोर्ट में उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं में आए बदलाव पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसमें युवा उपभोक्ता प्रोटीन उत्पादों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जबकि अन्य स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

छोटे परिवारों, समय की कमी और रसोई उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण रेडी-टू-कुक सेगमेंट की मांग बढ़ रही है। 

विश्लेषण के अनुसार, 10-15 मिनट की तेज डिलीवरी से ऑन-डिमांड खपत में भी वृद्धि हो रही है।

स्वास्थ्य पर केंद्रित पेय पदार्थ, जिनमें प्रोटीन-आधारित पेय शामिल हैं, लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं, जबकि पैकेटबंद नारियल पानी की मांग भी बढ़ रही है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement