1 मई से लागू होंगे ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम, सरकार ने तैयार किया सख्त फ्रेमवर्क

नई दिल्ली, 22 अप्रैल । सरकार ने बुधवार को कहा कि देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करने के लिए 1 मई 2026 से नए नियम लागू होंगे।

यह नया फ्रेमवर्क 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025' के तहत तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य खासकर बच्चों और कमजोर वर्गों को आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचाना है, साथ ही भारत को गेमिंग और डिजिटल क्रिएटिविटी का वैश्विक केंद्र बनाना भी है।

इन नियमों को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने तैयार किया है। 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग रूल्स, 2026' नाम से ये नियम लागू होंगे, जो इस कानून को लागू करने का तरीका तय करते हैं। यह कानून अगस्त 2025 में संसद द्वारा पास किया गया था।

सरकार ने ये नियम कई मंत्रालयों के साथ चर्चा और कानूनी जांच के बाद अंतिम रूप दिए हैं, ताकि तेजी से बढ़ रहे इस सेक्टर में स्पष्टता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। खासकर पैसे से जुड़े गेम्स और उनकी लत को लेकर बढ़ती चिंताओं को ध्यान में रखा गया है।

इस नए सिस्टम के तहत 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया' नाम की एक नई संस्था बनाई जाएगी, जो ऑनलाइन गेमिंग की निगरानी करेगी।

यह संस्था नई दिल्ली में स्थित होगी और एमईआईटीवाई के तहत काम करेगी। इसमें गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण, युवा मामले और खेल, और कानून मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

यह अथॉरिटी ऑनलाइन मनी गेम्स की सूची बनाएगी, नियम लागू करेगी और बैंकों व कानून एजेंसियों के साथ मिलकर अवैध लेन-देन को रोकेगी।

नए नियमों में यह तय करने की प्रक्रिया भी दी गई है कि कौन सा गेम 'मनी गेम' है और कौन सा सामान्य गेम या ई-स्पोर्ट्स है।

यह फैसला अथॉरिटी, कंपनियों के आवेदन या सरकारी नोटिफिकेशन के आधार पर लिया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि गेम में पैसा लग रहा है या नहीं, जीतने पर पैसा मिलता है या नहीं, और क्या गेम के इनाम को बाहर पैसे में बदला जा सकता है।

इस प्रक्रिया को 90 दिनों के अंदर पूरा करना होगा, जिससे कंपनियों को समय पर स्पष्टता मिल सके।

इन नियमों की एक खास बात यह है कि इसमें रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू किया गया है।

रजिस्ट्रेशन केवल उन गेम्स के लिए जरूरी होगा, जिन्हें सरकार जोखिम के आधार पर चिन्हित करेगी, जैसे कि जहां यूजर्स को ज्यादा खतरा हो या पैसा ज्यादा जुड़ा हो।

मंजूर किए गए गेम्स को 10 साल तक के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा। वहीं, पैसे वाले गेम्स को राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत ई-स्पोर्ट्स के रूप में मान्यता नहीं दी जाएगी।

Source: IANS

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