पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस से की मुलाकात, भारत-ईएफटीए साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भारत दौरे पर आए लिकटेंस्टीन के युवराज (हेरिडिटरी प्रिंस) एलोइस से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भारत दौरे पर आए लिकटेंस्टीन के युवराज (हेरिडिटरी प्रिंस) एलोइस से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। बातचीत में विशेष रूप से भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच लागू व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के तहत सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए गोयल ने कहा कि उन्होंने युवराज एलोइस के साथ शिष्टाचार भेंट की और भारत में निवेश तथा व्यापार के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने इस दौरान भारत में कारोबारी माहौल को अधिक निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूत करने के प्रयासों को भी रेखांकित किया।
गोयल ने कहा कि भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के तहत 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता दोनों पक्षों की गहरी आर्थिक भागीदारी की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। उनका मानना है कि यह निवेश न केवल आर्थिक वृद्धि को गति देगा, बल्कि दोनों क्षेत्रों के उद्योगों और कारोबारों के लिए बड़े अवसर भी पैदा करेगा।
इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी मंगलवार को लिकटेंस्टीन के युवराज एलोइस और हेरिडिटरी प्रिंसेस सोफी के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्नत इंजीनियरिंग, अवसंरचना और नवाचार जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि निवेश, व्यापार और आर्थिक सहयोग के अवसर बढ़ाकर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
बैठक में दोनों देशों के नेताओं ने आपसी हितों के विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और उन क्षेत्रों की पहचान की, जहां तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश के माध्यम से साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सकता है।
गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (टीईपीए) पिछले वर्ष 1 अक्टूबर से लागू हुआ था। ईएफटीए में लिकटेंस्टीन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और आइसलैंड शामिल हैं।
इस समझौते के तहत ईएफटीए देशों ने 15 वर्षों की अवधि में भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। अनुमान है कि इससे देश में लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे।
इसी महीने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट 2026 ने भारत-ईएफटीए और विशेष रूप से भारत-लिकटेंस्टीन आर्थिक संबंधों को नई गति प्रदान की है।
Source: IANS