सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में 0.30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त
नए भू-राजनीतिक तनाव के बीच सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते पिछले दिन की गिरावट के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुला।

मुंबई, 30 जून । नए भू-राजनीतिक तनाव के बीच सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते पिछले दिन की गिरावट के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुला।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,728.37 से 277.14 अंकों यानी 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77005.51 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,946.25 से 85.79 अंक यानी 0.35 प्रतिशत उछलकर 24,032.05 के स्तर पर खुला। हालांकि कुछ समय बाद प्रमुख बेंचमार्क अपनी ये बढ़त खोकर लाल निशान में पहुंच गए।
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 134.69 अंक यानी 0.18 प्रतिशत गिरकर 76,593.68 पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 75.45 (0.32 प्रतिशत) फिसलकर 23,870.80 पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की तेजी तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.19 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी आईटी में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय सूचकांक बन गया। इसके साथ ही, निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। वहीं, निफ्टी केमिकल, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया।
निफ्टी में मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, नेस्ले इंडिया, अदाणी एंटरप्राइजेज, पावरग्रिड, इंडिगो और टाइटन के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली, जबकि इसके विपरीत आइशर मोटर्स, टाटा कंज्यूमर, हिंडाल्को, इंफोसिस, टीसीएस, डॉ रेड्डीज लैब्स और विप्रो के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दिन की गिरावट के बावजूद निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, लेकिन यह 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) को पार करने में सफल नहीं हुआ और अप्रैल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर के नीचे फिसल गया। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) घटकर 53.89 पर आ गया है और अपनी सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया है। वहीं, एमएसीडी अभी भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन के ऊपर बना हुआ है, लेकिन लगातार छठे सत्र में इसका हरा हिस्टोग्राम छोटा हुआ है, जो तेजी की कमजोर होती गति का संकेत देता है। कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है, लेकिन बाजार में फिलहाल कंसोलिडेशन की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,100 से 24,200 का स्तर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है और निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, 23,800 का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में बना हुआ है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में नई बिकवाली देखने को मिल सकती है और गिरावट और गहरी हो सकती है।
Source: IANS

