हिमाचल प्रदेश: नगर निकाय चुनाव में भाजपा की जीत पर जयराम ठाकुर का तंज, बोले- सरकार के खिलाफ जनादेश
हिमाचल प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में भाजपा को बढ़त मिली है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी नतीजों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनादेश बताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधा।

दिल्ली, 1 जून । हिमाचल प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में भाजपा को बढ़त मिली है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी नतीजों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनादेश बताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अपनी हार का अंदेशा था, इसलिए चुनाव टालने की कोशिश की गई।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि ये चुनाव नवंबर में ही होने थे, लेकिन मुख्यमंत्री जानते थे कि अगर चुनाव हुए तो कांग्रेस हार जाएगी, जिससे सरकार को परेशानी हो सकती है। ऐसे में सरकार ने चुनाव टालने की पूरी कोशिश की। प्रदेश में डिजास्टर एक्ट तक लागू कर दिया गया। इसके बाद हम हाईकोर्ट गए और फिर सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव हुए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अंदाजा सही निकला, क्योंकि नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम चुनावों के परिणामों में भाजपा को बढ़त मिली है। पंचायत प्रधानों के चुनाव में लगभग 70 प्रतिशत प्रधान भाजपा समर्थित जीते हैं। अब नगर निगमों के लिए मंडी, धर्मशाला, पालमपुर और सोलन में चुनाव हुए। इनमें से चार में से तीन पर हम प्रचंड बहुमत के साथ जीते हैं। मंडी में तो कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से जनादेश हमारे पक्ष में आया है, उससे साफ है कि लोग कांग्रेस सरकार को हटाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री यह तर्क देने की कोशिश कर रहे हैं कि पंचायत चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए, लेकिन नगर निगम के चुनाव तो पार्टी सिंबल पर हुए हैं और उनमें उनकी हार हुई है।
उन्होंने सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि जिला परिषद चुनाव में मुख्यमंत्री सुक्खू के क्षेत्र की चार में से तीन सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। उन्हें सिर्फ एक सीट मिली है।
बता दें कि भाजपा ने रविवार को चार नगर निगमों में से तीन मंडी, धर्मशाला और सोलन में जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस केवल पालमपुर में ही जीत दर्ज करने में सफल रही। चारों नगर निगमों के लिए 17 मई को पार्टी चिन्हों पर मतदान हुआ था, जिसमें भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला था।
Source: IANS
