खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में पुलिस-प्रसाशन अलर्ट पर, श्रीनगर में मोबाइल-इंटरनेट सेवाएं बंद

श्रीनगर, 2 मार्च। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इसे रोकने के लिए पूरे राज्य में सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। 

जम्मू-कश्मीर के पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है क्योंकि घाटी के कई इलाकों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। श्रीनगर में मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं और प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय अगले दो दिनों तक बंद रहेंगे। प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को 2 और 3 मार्च को बंद करने का आदेश दिया है।

वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। मैंने सभी समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने का आह्वान किया।" साथ ही, उन्होंने स्थिति को संभालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तारीफ की है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह "ईरान में घट रही घटनाओं को लेकर बेहद चिंतित हैं, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या भी शामिल है।"

खामेनेई की मौत के बाद श्रीनगर शहर के कई इलाकों में नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन किया। सैदा कदल इलाके और कुछ अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने इजरायल विरोधी और अमेरिका विरोधी नारे लगाते हुए शांतिपूर्ण मार्च निकाला। लाल चौक पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी काले झंडे लेकर ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए।

बता दें कि कश्मीर के शिया समुदाय का ईरान के साथ बहुत घनिष्ठ धार्मिक संबंध है। शिया समुदाय के सभी शीर्ष धार्मिक नेताओं और विद्वानों ने ईरान से धार्मिक शिक्षा प्राप्त की है।

Source: IANS

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