भारी बारिश के बाद उत्तराखंड की नदियां उफान पर, भूस्खलन और बाढ़ से

देहरादून, 2 सितंबर । उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान जताया है। ऐसे में भूस्खलन, मलबा गिरने, जलभराव और संवेदनशील इलाकों में सड़कों पर रुकावट का खतरा और बढ़ सकता है।

ऋषिकेश में बिन नदी पहले से ही उफान पर थी, जबकि हल्द्वानी में गौला नदी के जलस्तर में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई। हल्द्वानी में पिछले 24 घंटों में 192 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस इलाके में बारिश की तीव्रता को दर्शाता है।

इस बीच, कैंची धाम के पास उफनती शिप्रा नदी ने लोगों को हैरान कर दिया। आमतौर पर मंदिर के बाहर शांत बहने वाली यह नदी लगातार बारिश के बाद मंगलवार को बिल्कुल अलग और उग्र रूप में दिखाई दी। भारी मात्रा में पानी से लबालब भरी नदी का दृश्य उसके सामान्य शांत बहाव से बिल्कुल अलग था।

पानी के तेज बहाव के बावजूद मंदिर की सुरक्षा दीवार और पुल को सहारा देने वाले खंभे सुरक्षित रहे और मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। मंदिर में धार्मिक गतिविधियां और पूजा-अर्चना सामान्य रूप से जारी रही।

नैनीताल जिले में अल्चौना के पांडेछोड़ गांव के पीछे बहने वाले ककरिया नाले का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने लगा, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर तक नाले का बहाव काफी तेज हो गया और पानी लगभग दो दर्जन घरों में घुस गया।

प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके सामान व कीमती चीजों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के प्रयास शुरू किए। जैसे-जैसे नाले का पानी बढ़ता गया, कई घर और अधिक खतरे की जद में आ गए, जिससे निवासियों को अपना सामान प्रभावित इलाकों से बाहर निकालना पड़ा।

लगातार हो रही बारिश ने चमोली जिले में भी आम जनजीवन को प्रभावित किया है। कई जगहों पर सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और पिंडर नदियां उफान पर हैं।

पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से इसके किनारे रहने वाले लोगों में चिंता और घबराहट फैल गई है। कर्णप्रयाग इलाके में नदी का उफनता पानी और तेज लहरें नदी के किनारे बनी रिहायशी इमारतों, होटलों और अन्य ढांचों तक खतरनाक रूप से करीब पहुंचती दिख रही हैं।

नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से निवासियों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन नदी के किनारे रहने वाले लोगों से बार-बार अपील कर रहा है कि वे सतर्क रहें, सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।

Source: IANS

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