देहरादून-सहारनपुर (वाया मोहंड) में जल्द बिछेगी रेलवे लाइन, फ़रवरी

देहरादून-सहारनपुर (वाया मोहंड) के बीच शीघ्र रेलवे लाइन बिछाने का काम शीघ्र।  नई प्रस्तावित नई रेलवे लाइन के लिए चल रहा सर्वेक्षण 
कार्य फ़रवरी माह तक पूरा हो जाएगा। इस लाइन के लिए विस्तृत प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के कार्य को स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।

देहरादून-सहारनपुर (वाया मोहंड) के बीच रेलवे लाइन शीघ्र बिछेगी। 

परियोजनाओं प्रस्तावित रेलवे लाइन के कार्य में तेजी के लिए राज्य सरकार और रेलवे के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। 

यह जानकारी दिनांक 7 दिसम्बर बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु को मंडल रेलवे के अधिकारियों ने देहरादून में आयोजित एक बैठक में दी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम, मुरादाबाद रेल मंडल) के  राजकुमार सिंह और अन्य रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे से संबंधित मुद्दों के निस्तारण के लिए आयोजित इस बैठक में डॉ. संधु ने देहरादून-सहारनपुर (वाया मोहंड) के बीच प्रस्तावित रेल लाइन की प्रगति की जानकारी ली। इसके जवाब में रेलवे अधिकारियों ने मुख्य सचिव को अब तक कार्य में हुई प्रगति से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों को सकारात्मक रुख़ अपनाते हुए दोनों ओर आ रही समस्याओं को लगातार बैठकें आयोजित कर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

हर्रावाला को 24 कोच का टर्मिनल बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण तथा भंडारीबाग रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को भी एक सप्ताह में मंजूरी।

मुख्य सचिव ने हर्रावाला रेलवे स्टेशन को 24 कोच का टर्मिनल बनाए जाने को लेकर चल रहे कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। मुख्य सचिव ने भंडारीबाग़  रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की रेलवे बोर्ड स्तर पर अटकी स्वीकृति शीघ्र करवाने के लिए भी कहा। इस पर डीआरएम राजकुमार सिंह ने कहा कि भंडारीबाग आरओबी को एक सप्ताह के भीतर मंजूरी दिलवा दी जाएगी। उन्होंने रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने और नए अतिक्रमण रोकने के लिए रेलवे और संबंधित जिलाधिकारियों को लगातार समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। रेलवे और वन विभाग के बीच आ रहे मुद्दों को शीघ्र आपसी तालमेल से निस्तारित करने और अन्य विभागों से संबंधित मसलों को भी 15 दिन में बैठक करके हल करने के लिए उन्होंने कहा। बैठक में रेलवे अधिकारियों के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव अरविंद सिंह ह्याँकी, सचिन कुर्वे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरिद्वार के डीएम धीराज गर्ब्याल व देहरादून की डीएम सोनिका भी शामलि हुए।

1996 में भी सतपाल महाराज द्वारा कराया गया था देहरादून-सहारनपुर (वाया मोहंड) रेलवे लाइन के लिए सर्वे

देहरादून-सहारनपुर (वाया मोहंड) रेलवे लाइन का मामला नया नहीं, बल्कि ढाई दशक से ज्यादा पुराना है। दरअसल, साल-1996 में सतपाल महाराज केंद्रीय रेल राज्यमंत्री थे। तब उन्होंने देहरादून-मोहंड-सहारनपुर, देहरादून-पांवटा-चंडीगढ़ और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन समेत विभिन्न रेल लाइनों के लिए सर्वे कराया था। मकसद देहरादून-दिल्ली के बीच रेल के सफर में लगने वाले समय को कम करना था। अभी देहरादून-हरिद्वार से होते हुए ट्रेनों को दिल्ली पहुंचने में काफी समय लगता है। हालांकि, एवाडिंग लाइन बनने के बाद शताब्दी समेत तेज गति की ट्रेनों को सहारनपुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लेकिन, देहरादून-मोहंड-सहारनपुर लाइन का लाभ दिल्ली रूट के अतिरिक्त पंजाब, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले रेल रूटों पर भी मिलेगा। बहरहाल, अब एक बार फिर से सर्वे कराया जा रहा है, जो फरवरी तक पूरा हो जाएगा। खासबात यह है कि साल-1996 में कराए गए सर्वे की फिजिबिलटी रिपोर्ट पॉजीटिव थी, लेकिन सतपाल महाराज का मंत्रालय बदल जाने और कुछ समय बाद संयुक्त मोर्चा की सरकार गिर जाने के कारण यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी।

Source: The News Com Network

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