बिहार: भैंसासुर में 73 लाख की चोरी का बड़ा खुलासा: कुख्यात चिकारा

नालंदा, 9 मार्च। नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र के भैंसासुर मोहल्ले में 26 फरवरी को हुई 73 लाख रुपए की बड़ी चोरी का पुलिस ने मात्र 10 दिनों के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। नालंदा पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में कुख्यात चोर आदित्य कुमार उर्फ चिकारा को मास्टरमाइंड के रूप में पटना से गिरफ्तार किया है। कुल आठ लोग इस गिरोह से जुड़े पकड़े गए हैं, जिनमें चोरी के गहनों को खरीदने और गलाने वाले दो सुनार और मुख्य आरोपी की मां और बहन भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 23 लाख 39 हजार रुपए से अधिक नकद, 132.68 ग्राम सोना, एक बिना नंबर की केटीएम बाइक और चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण जब्त किए हैं।

एसपी नालंदा भारत सोनी ने सोमवार को प्रेस वार्ता में पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को भैंसासुर मोहल्ले में अविनाश कुमार के बंद घर में चोरी हुई थी। घर के ताले तोड़कर चोर अंदर घुसे और सोने-चांदी के आभूषणों, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इस घटना की शिकायत पर लहेरी थाने में कांड संख्या 85/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल किया।

जांच के दौरान पता चला कि इस चोरी का मास्टरमाइंड 25 वर्षीय आदित्य कुमार उर्फ चिकारा है, जो बनौलिया, बिहार, थाना क्षेत्र का निवासी है। चिकारा पर पहले से लहेरी, अस्थावां, बिहार, और सोहसराय थानों में कुल सात चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए 8 मार्च को पटना सिटी बाईपास स्थित एक किराए के मकान से चिकारा और उसके साथी विपेंद्र कुमार को दबोच लिया।

चिकारा की निशानदेही पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई की। चोरी के आभूषणों को खरीदने और गलाने वाले पटना सिटी के दो स्वर्णकार, रजत खत्री और कपिल कुमार, को भी गिरफ्तार किया गया। रजत खत्री पर पहले भी दो बार जेल की सजा हो चुकी है। इसके अलावा चोरी की साजिश रचने, माल छिपाने और पैसे ठिकाने लगाने में मुख्य आरोपी की मां, सविता देवी, और बहन, वर्षा कुमारी, भी शामिल पाई गईं। इनके अलावा रोहित शर्मा और रौशन कुमार को भी पकड़ा गया।

छापेमारी में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। आरोपियों के पास से 23 लाख 39 हजार 39 रुपए नकद, 132.68 ग्राम सोना (जिसमें गलाए गए आभूषण शामिल हैं), एक बिना नंबर प्लेट वाली केटीएम मोटरसाइकिल (जिसके इंजन और चेसिस नंबर घिसे हुए हैं) और गोदरेज अलमारी तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए गए दो पेचकस बरामद हुए।

एसपी भारत सोनी ने कहा कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अब नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत इनके द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस न्यायालय में प्रस्ताव देकर इनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करेगी। एसपी ने इस सफलता के लिए पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि अपराधियों पर लगाम कसने के लिए ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

Source: IANS

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