शादी समारोहों में किराए पर ली जाने वाली बसें और टैक्सी अब बगैर पंजीकरण के सड़कों पर नहीं दौड़ सकेंगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की पहल पर शुरू हुआ 'सेफ सफर एप' अब जिले में सड़क सुरक्षा की नई मिसाल बन गया है। इस डिजिटल पोर्टल के जरिए न केवल वाहनों की निगरानी हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

जून 2023 में शुरू किए गए इस एप पर अब तक सैकड़ों वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। प्रशासन की सख्ती का असर यह है कि अब बारात लेकर जाने वाले वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी नहीं चला पा रहे हैं और न ही ओवरलोडिंग जैसी लापरवाही कर पा रहे हैं।

राजस्व और पुलिस विभाग के कर्मियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे शादी वाले क्षेत्र में पहुंचने वाले व्यवसायिक वाहनों की 'सेफ सफर एप' पर जांच करें। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सभी वाहन नियमों का पालन कर रहे हैं। डीएम डॉ. चौहान ने इस पहल को सफल बनाने के लिए राजस्व, परिवहन और पुलिस विभाग के बीच समन्वय भी स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ा रही है, बल्कि लोगों की जान भी बचा रही है।

आरटीओ ने साझा किए आंकड़े

आरटीओ द्वारिका प्रसाद ने बताया कि शादी समारोहों में जाने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों को सेफ सफर एप पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। वहीं बस संचालकों को आरटीओ कार्यालय से अस्थायी परमिट भी लेना होता है। उन्होंने बताया कि 16 जून 2023 से अब तक कुल 969 बसें और 197 टैक्सी-मैक्सी एप पर पंजीकृत की जा चुके हैं।

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