पश्चिम बंगाल में न्यायिक प्रक्रिया पूरी, 34 प्रतिशत से अधिक वोटर मतदाता सूची से 'बाहर'

कोलकाता, 18 मार्च। पश्चिम बंगाल में बुधवार रात तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 34 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को मतदाता सूची से 'बाहर' पाया गया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि राज्य में 60 लाख मतदाताओं के मामले न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 23.30 लाख मतदाताओं के मामले अब तक पूरी हो चुके हैं।

सीईओ कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि न्यायिक निर्णय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 23.30 लाख मामलों में से आठ लाख मतदाताओं को मतदान से बाहर रखा गया है। इसका मतलब है कि जिन मतदाताओं की न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें से 34 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को न्यायिक अधिकारियों द्वारा मतदान से बाहर रखा गया है। 

पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची, जिसमें न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए 60 लाख मामले शामिल नहीं हैं, 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया की प्रगति के आधार पर पूरक सूचियां चरणबद्ध तरीके से प्रकाशित की जाएंगी।

इस संबंध में पहली पूरक सूची इस सप्ताह के अंत तक प्रकाशित होने की उम्मीद है। फिलहाल, पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से 100-100 सहित कुल 732 न्यायिक अधिकारी न्यायनिर्णय प्रक्रिया को पूरा करने में लगे हुए हैं।

इसी बीच, देर शाम हुए घटनाक्रम में, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एक अधिसूचना जारी कर पश्चिम बंगाल कैडर के 2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी और वर्तमान में बिधाननगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के आयुक्त मुरली धर को तमिलनाडु के लिए पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। तमिलनाडु में भी इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों के लिए मतदान होगा।

Source: IANS

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