उत्तराखंड में तापमान बढ़ने से बढ़ा जंगलों में आग का खतरा: डीएफओ प्रदीप कुमार

अल्मोड़ा, 23 मई । अल्मोड़ा समेत पूरे उत्तराखंड में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई इलाकों में वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है और हालात चिंताजनक बने हुए हैं। इसी बीच सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ प्रदीप कुमार ने स्थिति को लेकर जानकारी दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसकी वजह से जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। हालांकि शुक्रवार को हुई थोड़ी बारिश से तापमान में करीब एक डिग्री की गिरावट आई है और कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अभी भी गर्मी और सूखे की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से आग लगने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

डीएफओ ने बताया कि उनके पास कुल 51 अलर्ट प्राप्त हुए थे, जिनमें से तीन से चार जगहों पर आग लगने से वन क्षेत्र को थोड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि लगभग तीन हेक्टेयर क्षेत्र में आग की वजह से असर पड़ा है, लेकिन फॉरेस्ट विभाग की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।

उन्होंने बताया कि वन विभाग का पूरा स्टाफ लगातार अलर्ट मोड पर काम कर रहा है। जहां भी आग लगने की सूचना मिलती है, वहां तुरंत टीम भेजकर आग बुझाने का काम किया जाता है। इसके साथ ही वन पंचायतों के लोग भी अपने स्तर पर सहयोग कर रहे हैं और स्थानीय क्षेत्रों में आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रदीप कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी की तरफ से भी निर्देश जारी किए गए हैं कि लोगों को जागरूक किया जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में यह भी देखा गया है कि कुछ लोग जानबूझकर आग लगाने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, जो बेहद गंभीर बात है।

उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे मामलों में कुछ लोगों को पकड़ा भी गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पूरे जिले में अब तक 5 से 6 मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। वन विभाग की तरफ से संबंधित अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहें।

डीएफओ ने आम लोगों से अपील की कि अगर किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस स्टेशन या वन विभाग को सूचना दें। उन्होंने कहा कि जंगलों को बचाना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है कि आग पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाया जाए, लेकिन इसमें स्थानीय लोगों की जागरूकता और सहयोग भी बहुत जरूरी है।

पीआईएम/डीकेपी

Source: IANS

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