फ्लैश फ्लड के बाद प्रशासन सख्त, राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 60 दिन का प्रतिबंध लागू
हाल ही में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अभिषेक शर्मा ने बेला मार्केट और बेला कॉलोनी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 60 दिनों के लिए वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

राजौरी, 23 जुलाई । हाल ही में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अभिषेक शर्मा ने बेला मार्केट और बेला कॉलोनी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 60 दिनों के लिए वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही पूरे प्रभावित इलाके में सभी प्रकार के निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बचें।
यह आदेश 18 और 19 जुलाई की दरम्यानी रात राजौरी की तवी नदी में आई बाढ़ के बाद जारी किया गया है। इस आपदा में दुकानें, वाहन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बेला मार्केट स्थित बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था।
प्रशासन के अनुसार, 22 जुलाई को सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, राजौरी के कार्यकारी अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बाढ़ के बाद बेला बस स्टैंड और बेला कॉलोनी क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान कार्यकारी अभियंता, हाइड्रोलिक सर्किल के अधीक्षण अभियंता और विभागीय कर्मचारियों ने मौके का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की जीपीएस लोकेशन दर्ज की गई और केएमएल फाइल तथा जियो-रेफरेंस्ड सीमा मानचित्र तैयार किया गया। इस मानचित्र में बेला बस स्टैंड, बेला पार्क, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और राजौरी तवी नदी के बाएं किनारे तक प्रभावित क्षेत्र को चिह्नित कर जिला प्रशासन को सौंपा गया।
प्रशासन का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट, मौजूदा मौसम, बाढ़ की स्थिति और इलाके में घनी आबादी को देखते हुए अभी भी मानव जीवन, सार्वजनिक सुरक्षा और संपत्ति पर गंभीर खतरा बना हुआ है। विस्तृत हाइड्रोलॉजिकल, हाइड्रोलिक और भूमि उपयोग संबंधी सर्वे तथा सुरक्षित निर्माण सीमा तय होने तक एहतियाती कदम उठाना जरूरी है।
रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ का पानी बेला रोड तक पहुंच गया था और सामान्य नदी तट से आगे बने मकानों और अन्य संरचनाओं को प्रभावित किया। इससे इलाके में कटाव, जमीन धंसने, इमारतों की संरचनात्मक कमजोरी और दोबारा जलभराव का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजौरी तवी नदी का जलस्तर और नदी किनारे की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। विशेष रूप से बेला मार्केट, बेला कॉलोनी, नदी किनारे और आसपास की संपर्क सड़कों पर लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
आदेश के तहत प्रभावित क्षेत्र में नई इमारतों का निर्माण, खुदाई, नींव का काम, मिट्टी भराई, प्लिंथ बनाना, किसी भी प्रकार का निर्माण, मरम्मत, बदलाव, निर्माण मशीनरी का उपयोग, निर्माण सामग्री का भंडारण, मलबा डालना, प्राकृतिक जल निकासी में बाधा पहुंचाना या भूमि के उपयोग में बदलाव पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि किसी को ऐसा कोई कार्य करना है तो इसके लिए जिलाधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति और संबंधित तकनीकी एवं योजना प्राधिकरणों की मंजूरी अनिवार्य होगी।
इसके अलावा बेला मार्केट, बस स्टैंड, बेला कॉलोनी के जलमग्न हिस्से और बेला रोड तक किसी भी व्यक्ति, समूह या निजी वाहन के प्रवेश, आवाजाही, घूमने या एकत्र होने पर भी रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने पुलिस और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सभी मुख्य और संपर्क मार्गों तथा पैदल रास्तों पर बैरिकेडिंग की जाए और जरूरत के अनुसार उन्हें आम लोगों के लिए बंद रखा जाए।
जिलाधिकारी ने अतिरिक्त उपायुक्त, तहसीलदार और संबंधित इंजीनियरिंग विभागों को संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र और असुरक्षित निर्माण स्थलों का सर्वे करने, चल रहे निर्माण कार्यों को तुरंत बंद कराने और 24 घंटे के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
हालांकि, यह आदेश राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कर्मियों, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, मेडिकल टीमों, कार्यपालक मजिस्ट्रेटों, राजस्व और नगर निकाय अधिकारियों तथा जिला प्रशासन की लिखित अनुमति से चल रहे बाढ़ सुरक्षा, मलबा हटाने, बहाली और आवश्यक सेवाओं के कार्यों पर लागू नहीं होगा।
डीएम ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल प्रभाव से जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि आपात स्थिति और लोगों की जान-माल पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा।
Source: IANS

